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चिंताजनक: दिल्ली में पिछले एक साल में तीन डॉक्टरों ने की आत्महत्या, यहां पढ़ें रिपोर्ट के चौंकाने वाले आंकड़े

Thu, 01 Sep 2022 11:11 PM IST
आकाश दुबे अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: आकाश दुबे Updated Thu, 01 Sep 2022 11:11 PM IST
सार

राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी रिपोर्ट 2021) के अनुसार पिछले साल के मुकाबले देश में आत्महत्या के मामले में सात फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं छात्रों की बात करें तो पिछले पांच सालों के मुकाबले इसमें 27 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है।

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Three doctors committed suicide in Delhi in last one year read this report
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

बदलती जीवन शैली में बढ़ता तनाव लोगों को मानसिक रूप से कमजोर कर रहा है। इस तनाव के प्रेशर में आकर लोग आत्महत्या तक कर लेते हैं, जो मनोचिकित्सक के लिए परेशानी का कारण बना हुआ है। दिल्ली में पिछले एक साल में तीन से अधिक डॉक्टरों ने तनाव में आकर आत्महत्या कर ली है। 

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राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (एनसीआरबी रिपोर्ट 2021) के अनुसार पिछले साल के मुकाबले देश में आत्महत्या के मामले में सात फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है। वहीं छात्रों की बात करें तो पिछले पांच सालों के मुकाबले इसमें 27 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है। कोरोना महामारी के बाद ऐसे मामलों में ज्यादा बढ़ दर्ज हुई है। मनोचिकित्सक और नशामुक्ति विशेषज्ञ डॉ. पंकज कुमार ने कहा कि आत्महत्या को लेकर एनसीआरबी के आंकड़े चिंताजनक है।

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उन्होंने कहा कि बदलती जीवन शैली के कारण लोगों में तनाव बढ़ गया है। इसके अलावा आगे बढ़ने की दौर लोगों के लिए तनाव का बड़ा कारण बन रहा है। उन्होंने कहा कि रिसर्च में पाया गया है कि सामान्य लोगों के मुकाबले भारतीय डॉक्टरों का जीवन ज्यादा तनावपूर्ण है। उन्हें आराम के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता और न ही वह परिवार को पूरा समय दे पाते हैं। इसके अलावा उपचार के दौरान कानूनी लड़ाई व मरीज के परिवार वालों के झगड़े भी डॉक्टरों में तनाव का कारण बनते हैं।

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युवाओं में बढ़ रहा नशे की लत 
ईएसआई अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. सिद्धार्थ सूद ने कहा कि युवाओं में बढ़ता नशे की लत युवाओं में तनाव का कारण बन रहा है। तनाव को खत्म करने के लिए नशे पर निर्भर होना आत्महत्या के बढ़ते हुए मामलों का मुख्य कारण के तौर पर उभर रहा है।

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देश में 13 हजार छात्रों ने ली जान 
एनसीआरबी के आंकड़ों के अनुसार पिछले साल 13 हजार से अधिक छात्रों ने देश में आत्महत्या की। यह आंकड़ा साल 2016 के मुकाबले 27 फीसदी से अधिक है। साल 2016 में 9478 छात्रों ने आत्महत्या की थी।

कब किसने की आत्महत्या 

  • 01 सितंबर 2022 सफरजंग अस्पताल में इंटर्नशिप कर रही अंतिम वर्ष की डॉक्टर रितु ने की आत्महत्या 
  • 31 जनवरी 2022 को 40 साल की महिला डॉक्टर मेघा कायल ने ग्रेटर कैलाश स्थित अपने घर आत्महत्या की 
  • 30 दिसंबर 2021 को मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज की छात्रा ने दिव्या ने फांसी लगाकर आत्महत्या की।
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