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दिल्ली: तेजी से बन रहा गीले कूड़े से काला सोना, दस दिन में पर्याप्त मात्रा में खाद का उत्पादन
Mon, 27 Sep 2021 06:05 PM IST
विक्रांत चतुर्वेदी
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: विक्रांत चतुर्वेदी
Updated Mon, 27 Sep 2021 06:05 PM IST
सार
पश्चिमी जोन के तीन बड़े कंपोस्ट प्लांटों से दो दिन में मिली 15000 किलोग्राम जैविक खाद। दस दिन में पर्याप्त मात्रा में खाद का उत्पादन हो रहा है।
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खाद-सांकेतिक
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गीले कूड़े से काला सोना बनाने के मामले में दक्षिणी निगम तेज गति से आगे बढ़ रहा है। निगम क्षेत्र के केवल सुभाष नगर, टैगोर गार्डन और ख्याला कंपोस्ट प्लांट में ही हर दस दिन में पर्याप्त मात्रा में खाद का उत्पादन हो रहा है। शनिवार को फिर से यहां से 15000 किलोग्राम जैविक खाद उद्यान विभाग को मिली।
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दक्षिणी निगम की स्थायी समिति के अध्यक्ष बी. के. ओबरॉय ने बताया कि प्रत्येक 10 से 15 दिन में 12000 से 15000 किलोग्राम खाद का अकेले टैगोर गार्डेन और सुभाष नगर कंपोस्ट प्लांट में बन रही है। यहां की खाद स्कूलों, कॉलेजों से लेकर राष्टपति भवन तक को भेजी गई है।
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लोग नहीं चाहते उनके घर के आस-पास कंपोस्ट प्लांट बने
बी. के. ओबरॉय ने बताया कि दक्षिणी निगम के सभी 104 वार्डों में इस तरह के छोटे-बड़े कंपोस्ट प्लांट लगाने की तैयारी थी। लेकिन विभिन्न वार्डों से यह बात आने लगी कि लोग नहीं चाहते उनके घर के आस-पास कंपोस्ट प्लांट बने। तब पिछले हफ्ते निर्णय लिया गया कि विधानसभा आधार पर उचित जगह देखकर कंपोस्ट प्लांट बनाए जाएंगे।
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पश्चिमी जोन में अधिशासी अभियंता व कंपोस्ट प्लांट के नोडल अधिकारी राजीव जैन ने बताया कि तीन सबसे बड़े प्लांट सुभाष नगर और टैगोर गार्डेन में मिलाकर रोजाना 10000 किलोग्राम गीला कूड़ा आ रहा है। पिछले साल सितम्बर में स्थापित टैगोर गार्डेन प्लांट से अबतक 116994 किलोग्राम कंपोस्ट खाद बनाई गई है, सुभाष नगर प्लांट ने 95726 किलोग्राम खाद बनाई है।