120 करोड़ की हेरोइन समेत तीन गिरफ्तार, कार में ऐसी जगह छुपाई हेरोइन कि सोच भी नहीं सकते
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स्पेशल सेल ने 120 करोड़ की हेरोइन के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान भीलवाड़ा राजस्थान निवासी अब्दुल राशिद (26), अरबाज मोहम्मद (21) अैर मोहम्मद नाजिम (22) के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से कुल 30 किलोग्राम हेरोइन बरामद की है। बरामद हेरोइन म्यांमार से लाई गई थी। जिसे मणिपुर के रास्ते दिल्ली होते हुए इसे मध्य प्रदेश और राजस्थान पहुंचना था। आरोपियों ने मारुति अर्टिगा कार में पिछली सीट के फुटरेस्ट (पैर रखने की जगह) के नीचे कैविटी (विशेष जगह) बनाकर इसे छुपाया था। पुलिस के मुताबिक यह इस वर्ष अब तक की सबसे बड़ी हेरोइन की बरामदगी है।
स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि करीब चार माह तक निगाह रखने के बाद गिरोह की सूचना जुटाई गई थी। 16 दिसंबर को एसीपी अत्तर सिंह और इंस्पेक्टर शिव कुमार की टीम को सूचना मिली कि गैंग के बदमाश आरके पुरम सेक्टर-12, अंबेडकर पार्क के पास आने वाले हैं। पुलिस ने रात 11: 40 बजे राजस्थान नंबर की अर्टिगा कार से राशिद, नाजिम और अरबाज को दबोच लिया। तीनों के पास से 5-5 किलो के तीन पैकेट हेरोइन बरामद हुई। कार की तलाशी लेने पर बैक सीट के फुटरेस्ट के नीचे विशेष जगह बनाकर छुपाई गई 15 किलोग्राम हेरोइन और मिली। पूछताछ के दौरान अब्दुल राशिद ने बताया कि वह गैंग लीडर है। करीब चार वर्षों से वह हेरोइन तस्करी कर रहा है। वहीं अरबाज और नाजिम कैरियर का काम करते हैं। दोनों को एक ट्रिप के 50 हजार रुपये मिलते हैं। नाजिम फिलहाल बी-कॉम फाइनल ईयर का छात्र है। गिरोह पिछले कुछ वर्षों में करीब 200 किग्रा हेरोइन की तस्करी कर चुका है।
इस वर्ष 792 करोड़ की हेरोइन बरामद
स्पेशल सेल ने नशे के सौदागरों के खिलाफ विशेष अभियान चला रखा है। इस वर्ष नशे का धंधा करने वाले करीब 20 से अधिक गैंग का पर्दाफाश कर 198 किलोग्राम से ज्यादा हेरोइन बरामद की गई है। पुलिस की मानें तो बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार कीमत 792 करोड़ रुपये से अधिक है। वहीं सेल ने 1136 किलो गांजा, 1205 पोपी स्ट्रो, 45 किलोग्राम अफीम के अलावा नशे की लाखों टेबलेट और पाउडर भी बरामद किया है।
नए साल के जश्न के लिए होनी थी सप्लाई
मणिपुर से हेरोइन की इतनी बड़ी खेप को नए साल पर अलग-अलग राज्यों में सप्लाई करना था। विभिन्न राज्यों में पहुंचने के बाद हेरोइन को छोटे नशे के सौदागरों तक पहुंचना था। इसके बाद इस हेरोइन को नए साल का जश्न मनाने वाले युवाओं को मुंहमांगे दामों पर बेचा जाना था।
सुपारी के ट्रकों में म्यांमार से लाई जाती है हेरोइन
स्पेशल सेल के अधिकारी ने बताया कि म्यांमार से सुपारी के ट्रकों में हेरोइन छुपाकर हेरोइन मणिपुर लाई जाती है। मणिपुर में बैठे नशे के सौदागर इसे देश के अन्य हिस्सों में भेजते हैं। उत्तर भारतीय राज्यों की ज्यादातर हेरोइन दिल्ली से होकर यूपी, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, राजस्थान व दिल्ली लाई जाती है।
एमपी का बड़ा तस्कर है राशिद
ड्राइवर की नौकरी करने वाला आरोपी अब्दुल राशिद राजस्थान व मध्य प्रदेश का बड़ा ड्रग तस्कर है। मध्य प्रदेश के मंदसोर में करीब चार साल पहले उसकी मुलाकात एक ड्रग तस्कर से हुई। इसके बाद उसने खुद का नेटवर्क तैयार कर मणिपुर से हेरोइन लाकर सप्लाई करना शुरू कर दिया।