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मददगार बने लुटेरे: बुजुर्ग महिला के खाते में पैसा देखकर आया लालच, देखरेख करने वाले ने दो साथियों संग निकाले लाखों
Tue, 31 May 2022 02:35 AM IST
Vikas Kumar
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Vikas Kumar
Updated Tue, 31 May 2022 02:35 AM IST
सार
आरोपियों ने बैंक में दर्ज महिला के मोबाइल नंबर की जगह पर फर्जी मोबाइल नंबर रजिस्टर कर दिया था। रोहिणी साइबर सेल थाना प्रभारी अजय दलाल के नेतृत्व में पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच में पता चला महिला अकेली रहती है और पड़ोस में रहने वाला सतीश महिला की देखभाल करता है।
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बुजुर्ग महिला के खाते से पैसा निकालने वाले तीनों आरोपी
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
जिला साइबर सेल ने तकनीकी जांच के बाद जालसाज को उसके दो साथियों के साथ गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपियों के कब्जे से 3.94 लाख रुपये, जालसाजी के पैसे से खरीदी गई बाइक, मोबाइल फोन और जालसाजी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम जब्त कर लिया है।
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रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कराला निवासी सतीश, नितेश और प्रवेश के रूप में हुई है। कराला निवासी कांता देवी (65) ने कुछ दिन पहले साइबर सेल में जालसाजी की शिकायत की थी। शिकायत में उसने बताया कि उसके बैंक खाते से किसी ने 7.44 लाख रुपये निकाल लिए हैं। जांच में पता चला कि महिला के एटीएम के जरिए आरोपियों ने पैसे निकाले थे।
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आरोपियों ने बैंक में दर्ज महिला के मोबाइल नंबर की जगह पर फर्जी मोबाइल नंबर रजिस्टर कर दिया था। रोहिणी साइबर सेल थाना प्रभारी अजय दलाल के नेतृत्व में पुलिस ने छानबीन शुरू की। जांच में पता चला महिला अकेली रहती है और पड़ोस में रहने वाला सतीश महिला की देखभाल करता है। पुलिस ने बैंक में दर्ज नंबर की जांच की। तकनीकी जांच में सतीश ही शक के घेरे में आ गया। पुलिस सतीश को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की। पूछताछ में उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया।
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उसने बताया कि पैसे को हड़पने के लिए अपने दो साथी के साथ साजिश रची। सतीश ने बताया कि महिला बैंक के कामकाज में उसकी मदद लेती थी। वह उसकी मदद करने के दौरान खाते में लाखों रुपये देखकर उसे लालच आ गया। कांता देवी ने नई चेक बुक के लिए आवेदन करने के लिए उससे मदद ली, तो उन्होंने अपना नकली मोबाइल नंबर बैंक में रजिस्टर करवा लिया और महिला की जानकारी के बिना नए एटीएम कार्ड के लिए आवेदन भी कर दिया। डाकघर से डेबिट कार्ड प्राप्त करने के बाद वह खाते से निकासी करने लगा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि सतीश हलवाई का काम करता है। नितेश फैक्टरी में काम करता है। वहीं प्रवेश आरओ मरम्मत का काम करता है। तीनों आरोपी आस पास के रहने वाले हैं।