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डूसू छात्रसंघ अध्यक्ष तुषीड ने हाथ जोड़कर मांगी माफी, ये थी वजह...
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Mon, 16 Oct 2017 09:10 PM IST
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चुनाव प्रचार के लिए सार्वजनिक व निजी संपत्ति को गंदा करने के मामले में डूसू छात्र संघ रॉकी तुषीड ने सोमवार को हाईकोर्ट के समक्ष पेश होकर माफी मांगी। तुषीड के अलावा अन्य उम्मीदवार भी कोर्ट में पेश हुए और सबने माफी मांगी। कोर्ट ने पिछली तारीख पर तुषीड के पेश न होने पर कड़ी नाराजगी जाहिर की थी।
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कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली पीठ ने तुषीड से कहा कि आपने शहर को बदरंग कर दिया है। अगर उसके खिलाफ व अन्य उम्मीदवारों पर कानूनी कार्रवाई की जाए तो उन्हें दस साल की सजा हो सकती है और उनका करियर बर्बाद हो सकता है।
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छात्र नेताओं ने कोर्ट के समक्ष कहा वह एनजीओ व अन्य लोगों को साथ लेकर सार्वजनिक संपत्ति को साफ कर देंगे और भविष्य में ऐसा नहीं करेंगे। इस मामले में याचिकाकर्ता अधिवक्ता प्रशांत मनचंदा ने मेट्रो स्टेशन की ताजा तस्वीरें पेश कर कहा कि चुनाव के एक माह बाद भी मेट्रो स्टेशन व दूसरे स्थानों से स्प्रे पेंट साफ नहीं हो सका है। मेट्रो प्रशासन भी इसे साफ करने में अपनी असमर्थता जाहिर कर चुका है।
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अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी
कोर्ट ने इन सभी 30 छात्रों को डीयू प्रशासन, सिविक एजेंसी, दिल्ली पुलिस, मेट्रो रेल व गृह मंत्रालय के अधिकारियों के साथ 27 अक्तूबर को बैठक कर सार्वजनिक संपत्ति को साफ करने की योजना बनाने के लिए कहा है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 28 नवंबर की तारीख तय की है।
कोर्ट ने रॉकी तुसीड, अंकिव बसोया, मीनाक्षी मीणा, सुधीर समेत एक दर्जन से ज्यादा छात्रों को 11 सितंबर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि क्यों न उन पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। यह नोटिस दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे पोस्टरों व ग्रेफिटी (स्प्रे पेंट कला) की तस्वीरें देखने के बाद जारी किया था।
कोर्ट ने रॉकी तुसीड, अंकिव बसोया, मीनाक्षी मीणा, सुधीर समेत एक दर्जन से ज्यादा छात्रों को 11 सितंबर को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था कि क्यों न उन पर दिल्ली मेट्रो रेल कारपोरेशन (डीएमआरसी) अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाए। यह नोटिस दिल्ली विश्वविद्यालय मेट्रो स्टेशन के बाहर लगे पोस्टरों व ग्रेफिटी (स्प्रे पेंट कला) की तस्वीरें देखने के बाद जारी किया था।