ये है ऑफिस लाइफ का वो सच जो नहीं जानते होंगे आप
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बीपीओ (बिजनेस प्रोसेस आउटसोर्सिंग) का काम तनाव और जटिलताओं से भरा हुआ है। ऐसे में यहां काम करने वालों के मानसिक तनाव को नियंत्रित करने के लिए बीपीओ नाइट्स का सहारा लिया जा रहा है।
इसकी शुरूआत वर्ल्ड बीपीओ फाउंडेशन ने गुड़गांव, नोएडा और दिल्ली में कर दी है। जून में ऐसे और भी कई कार्यक्रम होंगे। दिल्ली-एनसीआर में दो लाख से अधिक लोग बीपीओ में काम करते हैं।
अकेले गुड़गांव में सवा लाख से अधिक लोग बीपीओ में काम करते हैं। इन्हें कई प्रकार की जटिल मानसिक स्थितियों से गुजरना पड़ता है। वर्ष 2009 से पहले कर्मचारियों के मनोरंजन और टूर पर कंपनियां काफी खर्च करती थीं।
मगर वह सब कॉस्ट कटिंग के नाम पर बंद कर दिया गया है। ऐसे में बीपीओ कर्मी मानसिक अवसाद से पीड़ित होने लगे थे। उन्हें मानसिक तौर से दृढ़ बनाने और मनोरंजन के लिए वर्ल्ड बीपीओ फाउंडेशन ने पहल शुरू की है।
पूल पार्टी भी जल्द
फाउंडेशन के अध्यक्ष दीपक कपूर ने बताया कि गुड़गांव, दिल्ली और नोएडा के कई क्लबों के साथ फाउंडेशन ने टाईअप किया है। अब समय-समय पर बीपीओ नाइट्स का आयोजन किया जा रहा है।
दो और चार जून को गुड़गांव के सैकड़ों बीपीओ कर्मियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर बीपीओ नाइट्स का कार्यक्रम है। कपूर ने बताया तकरीबन 15 क्लबों से फाउंडेशन ने करार किया है। जो गुड़गांव के एमजी रोड, महरौली और नोएडा में स्थित हैं।
वर्ल्ड बीपीओ फाउंडेशन जून के दूसरे सप्ताह से बीपीओ कर्मियों के लिए पूल पार्टी का आयोजन करेगी। फाउंडेशन तकरीबन 10 पूलों के साथ करार करेगा। गर्मी के दौरान बीपीओ नाइट्स के साथ-साथ पूल पार्टी भी चलेगी। यह दिल्ली, गुड़गांव और नोएडा में चलेंगी।