लिव-इन में रहने वालों को डरा सकती है ये खबर
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सबसे सुरक्षित माना जाने वाला घर भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है। जी हां रेप के मामले में दिल्ली पुलिस के आंकड़े यहीं दर्शाते हैं। राजधानी में 96 फीसदी रेप के मामलों में रेप का आरोपी पीड़िता का परिचित व रिश्तेदार है। जबकि चार फीसदी मामलों में अनजान व्यक्ति ने रेप की वारदात को अंजाम दिया है।
दिल्ली के वसंत विहार इलाके में हुए गैंग रेप के बाद आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा देने का प्रावधान किया गया। बावजूद रेप की घटनाओं में साल दर साल बढ़ोतरी हो रही है।
चौंकाने वाली बात यह है कि चार फीसदी मामलों में ही अनजान व्यक्ति ने रेप की वारदात को अंजाम दिया है। जबकि 96 फीसदी मामलों में आरोपी किसी न किसी तौर पर पीड़िता का परिचित है।
इनसे ही नहीं बच सकीं महिलाएं
दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक इस वर्ष दर्ज रेप की 2069 घटनाएं दर्ज की गई। जिसमें 919 (44.42 फीसदी) मामलों में आरोपी पीड़िता का दोस्त व पारिवारिक जानकार है।
420(20.30 फीसदी) मामलों में आरोपी पीड़िता का पड़ोसी, 298(14.40 फीसदी) जानकार, 282(13.62 फीसदी) रिश्तेदार, 66(3.19 फीसदी) सहकर्मी है। आकड़ों के मुताबिक दिल्ली पुलिस ने रेप की 84(4.06 फीसदी) ऐसे मामले दर्ज किए जिसमें आरोपी की पीड़िता से कोई जान-पहचान नहीं थी।
दिल्ली पुलिस के मुताबिक इस वर्ष दर्ज रेप के मामले में 586(28.32 फीसदी) ऐसे मामले में हैं जिसमें पीड़िता आरोपी के साथ लिव-इन रिलेशन में रह रही थी और शादी से इंकार करने पर पीड़िता ने रेप का मामला दर्ज करवाया।