रेल बजट 2018 पर टिकी सबकी नजर, मिल सकतीं हैं ये सुविधाएं
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शहरवासियों को रेल बजट में लोगों में काफी उम्मीदें हैं। हालांकि चौथी रेल लाइन और मॉडल रेलवे स्टेशन जैसी घोषणाओं का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है।
लोगों की मांग है कि राजधानी व दक्षिण की तरफ जाने वाले सभी प्रमुख गाड़ियों को ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन पर ठहराव होने से यात्रियों को काफी सहूलियत होगी।
इसके अलावा लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए, ताकि दिल्ली और पलवल के बीच सफर करने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना न करना पड़े। इसके अलावा ट्रेनों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए पुख्ता कदम उठाए जाएं।
बढ़ाई जाएं ईएमयू ट्रेनों की संख्या
पलवल व फरीदाबाद से हजारों यात्री रोजाना दिल्ली आते और जाते हैं। दैनिक यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है और ईएमयू ट्रेनों की संख्या कम होने के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। रेल मंत्री से बस यही गुजारिश है कि बजट में फरीदाबाद के लिए दो-तीन लोकल ईएमयू गाड़ियों की व्यवस्था कर दें तो समस्या का समाधान हो जाएगा। -मोहित जुनेजा, दैनिक यात्री
मॉडल स्टेशन पर नहीं हैं सुविधाएं
उत्तर भारत में जम्मू व ओल्ड फरीदाबाद रेलवे स्टेशन को मॉडल स्टेशन बनाने के लिए चुना गया था। इस पर काम चल भी रहा है, मगर काफी धीमी गति से चल रहा है। दो साल से अधिक समय होने के बावजूद अभी तक स्टेशन पर नई बिल्डिंग का काम पूरा नहीं हुआ है। रेलवे स्टेशन पर उच्च श्रेणी का दर्जा मिला हुआ है, मगर यहां पर उच्च श्रेणी जैसी सुविधाएं नहीं हैं। - उधम सिंह, दैनिक यात्री
महिला सुरक्षा पर दिया जाए जोर
ट्रेनों में जिस तरह से लगातार आपराधिक घटनाएं बढ़ रहीं है, उसके लिहाज से ट्रेनों में सुरक्षा व्यवस्था को पुख्ता किए जाने की जरूरत है। महिला स्पेशल ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए और लोकल ट्रेनों में भी प्रसाधन की सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा लंबी दूरी की ट्रेनों व लोकल ट्रेनों का ठहराव समय भी दो मिनट से बढ़ाकर कम से कम चार मिनट किया जाना चाहिए। - विजय लक्ष्मी, पूर्व अध्यक्ष, महिला दैनिक यात्री संघ
वरिष्ठ नागरिकों को मिले लोवर बर्थ
ट्रेन में यात्रा करने के दौरान वरिष्ठ नागरिकों को टिकट बुकिंग के दौरान ऊपर बर्थ पकड़ा दी जाती है। बाद में बुजुर्ग लोगों को दूसरे यात्रियों से अनुरोध कर सीट बदलनी पड़ती हैं। इसके अलावा रेल मंत्री को वरिष्ठ नागरिकों को टिकटों में थोड़ी और रियायत देने की जरूरत है। अभी तक बुजुर्गों को 30 फीसदी छूट दी जाती है, जिसे बढ़ाकर 50 फीसदी तक किए जाने की जरूरत है। - देवेंद्र सैनी, वरिष्ठ नागरिक व दैनिक यात्री