{"_id":"58a9af534f1c1bab19d865f5","slug":"these-five-secrets-are-following-by-webwork-and-ablaze","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इन पांच महा मूलमंत्रों से लाखों लोगों को एबलेज और वेबवर्क कंपनियों ने ठगा ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन पांच महा मूलमंत्रों से लाखों लोगों को एबलेज और वेबवर्क कंपनियों ने ठगा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
Updated Mon, 20 Feb 2017 07:07 PM IST
विज्ञापन
file photo
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एबलेज और वेबवर्क जैसी फ्रॉड कंपनियों के लिए लोगों को ठगना इतना आसान हो चुका है कि इंटरनेट पर इस तरह की कंपनियों की भरमार है। ऐसी कंपनियां लोगों को जोड़ने के लिए पांच मूलमंत्र अपना रही हैं।
विज्ञापन
सबसे प्रमुख मंत्र है घर बैठे या पार्ट टाइम लाखों रुपये की कमाई वो भी बिना किसी मेहनत। अंत में आपके अंदर की देशभक्ति को इस तरह से प्रयोग किया जाता है कि आपके इस काम से देश तरक्की कर रहा है। इससे आपको अंदाजा भी नहीं लग पाते कि आप किसी फर्जीवाड़े के जाल में फंस चुके हैं।
विज्ञापन
आसानी से लाखों रुपये कमाएं
anubhav mittal
- फोटो : राजन राय
अक्सर एक क्लिक को सबसे आसान काम केतौर पर प्रस्तुत किया जाता है, मसलन एक क्लिक में आपको मिलेगी पूरी जानकारी आदि। ये इतना आसान काम है कि आप बिस्तर में लेटे हुए, खाते हुए, सफर करते हुए या ऑफिस में काम करते हुए कभी भी बिना दिमाग और मेहनत के इसे कर सकते हैं।
अब चंद हजार रुपये लगाकर आपको इस काम के भी महीने में लाखों रुपये मिलने लगे तो क्या जरूरत है रोज ऑफिस जाकर बॉस की डॉट सुनने, भागदौड़ या मेहनत करने की।
यही वजह हो कि लोग चंद हजार रुपयों को दांव पर लगा इससे जुड़ते हैं और जब उन्हें धीरे-धीरे रिटर्न मिलने लगता तो वह शोर मचाकर और लोगों को इसमें जोड़ते चले जाते हैं।
अब चंद हजार रुपये लगाकर आपको इस काम के भी महीने में लाखों रुपये मिलने लगे तो क्या जरूरत है रोज ऑफिस जाकर बॉस की डॉट सुनने, भागदौड़ या मेहनत करने की।
यही वजह हो कि लोग चंद हजार रुपयों को दांव पर लगा इससे जुड़ते हैं और जब उन्हें धीरे-धीरे रिटर्न मिलने लगता तो वह शोर मचाकर और लोगों को इसमें जोड़ते चले जाते हैं।
ग्लैमरस पार्टियां
anubhav mittal
- फोटो : अमर उजाला
जहां लोग फिल्मी सितारों को भगवान की तरह पूजते हैं। वहां लोगों को फ्री में परिवार केसाथ ऐसी पार्टी में जाने को मिल जाए जहां शाहरूख खान, नवाजुद्दीन, सन्नी लियोनी या अमीषा पटेल जैसा कोई बॉलिवुड सितारा शामिल हो तो क्या कहने।
ऐसी ग्लैमरस पार्टी में मुफ्त के खाने और शराब का मजा और बढ़ जाता है। ऐसे में कोई भी इस तरह की कंपनी से जुड़ना चाहेगा जो कुछ दिन पहले जुड़े व्यक्ति को भी ऐसी आलीशान पार्टी में शरीक करे। एबलेज और वेबवर्क कंपनियों ने भी यही किया। इन्होंने औसतन हर माह एक पार्टी की।
ऐसी ग्लैमरस पार्टी में मुफ्त के खाने और शराब का मजा और बढ़ जाता है। ऐसे में कोई भी इस तरह की कंपनी से जुड़ना चाहेगा जो कुछ दिन पहले जुड़े व्यक्ति को भी ऐसी आलीशान पार्टी में शरीक करे। एबलेज और वेबवर्क कंपनियों ने भी यही किया। इन्होंने औसतन हर माह एक पार्टी की।
बड़े होटलों में ठहरना
anubhav mittal
लोग हनीमून, जन्मदिन, किसी विशेष अवसर या साल में एक बार घूमने के लिए किसी आलीशान होटल में ठहरने की योजना बनाते हैं। बहुत से लोगों के लिए तीन सितारा या पांच सितारा होटलों में जाना किसी सपने की तरह होता है।
ऐसे में ये फ्रॉड कंपनियां ऐसे कुछ लोगों को कुछ दिन के लिए शहर से बाहर किसी ट्रिप पर ले जाकर आलीशान होटलों में ठहराते हैं। कहने को ये फ्री होता है, लेकिन कंपनी इसकेलिए निवेशकों द्वारा जमा की गई रकम का ही इस्तेमाल करती है।
ऐसे में ये फ्रॉड कंपनियां ऐसे कुछ लोगों को कुछ दिन के लिए शहर से बाहर किसी ट्रिप पर ले जाकर आलीशान होटलों में ठहराते हैं। कहने को ये फ्री होता है, लेकिन कंपनी इसकेलिए निवेशकों द्वारा जमा की गई रकम का ही इस्तेमाल करती है।
सस्ती हवाई यात्राओं का ऐसा तोहफा देती हैं
file photo
- फोटो : अमर उजाला
पिछले कुछ समय में हवाई यात्रा काफी सस्ती हुई है, बावजूद मध्यमवर्गीय परिवार केलिए ये एक सपना है। फ्रॉड कंपनियां बाहर केट्रिप पर लोगों को सस्ती हवाई यात्राओं का ऐसा तोहफा देती हैं कि कोई भी अभीभूत हो जाए।
फ्रॉड कंपनियां लोगों पर भावनात्मक हमला भी करती हैं। वक्त-वक्त पर इनके लोग कंपनी मालिक को ईमानदार और आपको देश की तरक्की का मजबूत सिपाही बताते रहते हैं। जैसा की सोशल मीडिया पर मौजूद अनुभव मित्तल की एबलेज व सोशल ट्रेड कंपनी के तमाम वीड़ियो में दिखता है।
इन वीड़ियों में कई जगह पर अनुभव को भगवान बताकर उसके व्यवहार का बखान किया गया है। ठीक इसी तरह सोशल मीडिया पर अनुराग गर्ग के भी कई वीडियो हैं जिसमें वह लोगों को हाथ जोड़कर मान-मनव्वल करता दिख जाएगा।
इस तरह की कंपनियां सर्विस टैक्स और आयकर इसलिए भरती हैं, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का भरोसा जीत सकें। साथ ही इन कंपनियों को भी ज्यादा लोगों को ठगने का मौका मिल जाता है। समय से टैक्स भरने के कारण सरकारी विभागों का भी इन पर शिकायत मिलने के बाद ही ध्यान जाता है।
फ्रॉड कंपनियां लोगों पर भावनात्मक हमला भी करती हैं। वक्त-वक्त पर इनके लोग कंपनी मालिक को ईमानदार और आपको देश की तरक्की का मजबूत सिपाही बताते रहते हैं। जैसा की सोशल मीडिया पर मौजूद अनुभव मित्तल की एबलेज व सोशल ट्रेड कंपनी के तमाम वीड़ियो में दिखता है।
इन वीड़ियों में कई जगह पर अनुभव को भगवान बताकर उसके व्यवहार का बखान किया गया है। ठीक इसी तरह सोशल मीडिया पर अनुराग गर्ग के भी कई वीडियो हैं जिसमें वह लोगों को हाथ जोड़कर मान-मनव्वल करता दिख जाएगा।
इस तरह की कंपनियां सर्विस टैक्स और आयकर इसलिए भरती हैं, क्योंकि ज्यादा से ज्यादा लोगों का भरोसा जीत सकें। साथ ही इन कंपनियों को भी ज्यादा लोगों को ठगने का मौका मिल जाता है। समय से टैक्स भरने के कारण सरकारी विभागों का भी इन पर शिकायत मिलने के बाद ही ध्यान जाता है।
लालच बुरी बला है
file photo
- फोटो : अमर उजाला
यूपी एसटीएफ के साइबर विशेषज्ञ एसपी डॉ. त्रिवेणी सिंह के अनुसार हम सब जानते हैं कि लालच बुरी बला है, लेकिन कुछ लोग इसे अच्छा ऑफर मानकर फंस जाते हैं।
लोगों को समझना होगा कि घर बैठे आसानी से पैसा नहीं कमाया जा सकता। देश में कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं। ये भी कर्मचारियों के लिए साल में एक-दो बार ही बड़ी पार्टी आयोजित कर पाती हैं, वह भी सीमित बजट की।
किसी भी कंपनी के लिए हर महीने करोड़ों रुपये की पार्टी आयोजित करना संभव नहीं है। अगर ये इतना आसान होता तो बाकी कंपनियां भी यही काम कर रही होती।
लोगों को समझना होगा कि घर बैठे आसानी से पैसा नहीं कमाया जा सकता। देश में कई बड़ी और बहुराष्ट्रीय कंपनियां हैं। ये भी कर्मचारियों के लिए साल में एक-दो बार ही बड़ी पार्टी आयोजित कर पाती हैं, वह भी सीमित बजट की।
किसी भी कंपनी के लिए हर महीने करोड़ों रुपये की पार्टी आयोजित करना संभव नहीं है। अगर ये इतना आसान होता तो बाकी कंपनियां भी यही काम कर रही होती।