मिशन इंद्रधनुष के तहत टीकाकरण की नई योजना में ये शहर शामिल
संक्रमण से नौनिहालों को बचाने के लिए केंद्र सरकार लगातार टीकाकरण अभियान चला रही है। कुछ राज्यों से संतोषजनक परिणाम नहीं मिलने पर केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मिशन इंद्रधनुष के तहत नई योजना बनाई है।
इसमें उत्तर प्रदेश के सर्वाधिक 60 शहर शामिल हैं। इसके अलावा बिहार के 16 और मध्य प्रदेश के 14 शहर भी हैं। नवजात शिशुओं को खसरा, डायरिया, निमोनिया, पोलियो, हेपेटाइटिस बी, टिटनेस और बलगम से बचाने के लिए 25 दिसंबर 2014 को भारत सरकार ने देशभर में मिशन इंद्रधनुष की शुरुआत की थी।
इस अभियान के तीन वर्ष पूरे होने जा रहे हैं, लेकिन अब भी संतोषजनक परिणाम नहीं दिख रहे हैं। मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी बताते हैं कि वर्ष 2020 तक देश के हरेक बच्चे को टीकाकरण से जोड़ने का लक्ष्य है।
शहरों से ज्यादा गांवों में मुश्किल
कई राज्यों के कुछ जिलों से सही परिणाम नहीं मिल रहा है। मंत्रालय ने इन पर फोकस करते हुए विशेष निगरानी की तैयारी की है। इस बारे में संबंधित राज्यों की सरकारों को भी निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
उत्तर प्रदेश के ये शहर हैं शामिल
बहराइच, उन्नाव, सीतापुर, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, कौशांबी, बदायूं, कासगंज, बांदा, हरदोई, कन्नौज, आजमगढ़, रायबरेली, रामपुर, कुशीनगर, फिरोजाबाद, सुल्तानपुर, गाजीपुर, एटा, बुलंदशहर, ललितपुर, सहारनपुर, हापुड़, फतेहपुर, अलीगढ़ और गोरखपुर सहित 60 शहरों को विशेष निगरानी में रखा गया है।
बताया जा रहा है कि टीकाकरण की राह में सबसे ज्यादा मुश्किलें ग्रामीण इलाकों में आ रही हैं। शहरों से ज्यादा गांवों में इस अभियान को सफल बनाना चुनौती बना है। यही वजह है कि 24 राज्यों के 190 जिलों को लक्ष्य बनाया गया है।