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Delhi NCR News: पीडब्ल्यूडी के नालों की सफाई के काम का होगा थर्ड पार्टी ऑडिट
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पीडब्ल्यूडी एनएसयूटी से ऑडिट कराने का कर रहा विचार
विभाग आंतरिक ऑडिट कर दोनों रिपोर्ट की तुलना भी करेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में नालों की सफाई को लेकर विभागों की कार्यशैली पर कई सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अपने अधीन आने वाले नालाें की सफाई के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर विचार कर रहा है। इसके लिए नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) की मदद लेने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही विभाग आंतरिक ऑडिट भी करेगा।
बीते वर्ष राजधानी के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ के बाद नालों की सफाई का मुद्दा उठा था। तब सफाई के कामों का
थर्ड पार्टी ऑडिट करवाने की बात की गई थी, लेकिन ऑडिट नहीं कराया गया। अब राजेंद्र नगर इलाके में जलभराव के कारण कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से हुई तीन छात्रों की मौत के बाद ऑडिट कराने की योजना बनाई गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि थर्ड पार्टी ऑडिट के साथ ही विभाग आंतरिक ऑडिट भी करेगा। फिर दोनों रिपोर्टों की तुलना की जाएगी। हाल ही में दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिया है कि वह नालों की सफाई के काम में लगे ठेकेदारों को तब तक भुगतान नहीं करें जब तक थर्ड पार्टी ऑडिट नहीं हो जाता है।
बता दें कि राजधानी में 50 फीसदी नाले पीडब्ल्यूडी के अधीन है। हाल के दिनों में जलभराव के मामलों पर दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्य सचिव नरेश कुमार पर नालों की सफाई को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि विभाग कागजों में नालों की 100 फीसदी सफाई का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी दूर होती है। ऐसे में हर वर्ष राजधानी में जलभराव की समस्या रहती है। नालों की सफाई के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट करवाने से पता चल जाएगा की कितनी सफाई हुई है कितनी नहीं।
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हाल में जारी की है पीडब्ल्यूडी ने एसओपी
पीडब्ल्यूडी ने नालों की उचित सफाई, पंपों के संचालन, सड़क मरम्मत का कार्य और बिजली के करंट से बचने के लिए एहतियाती उपाय के तहत हाल ही में एक मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) भी जारी की है। इसके अनुसार नालों से निकाली गई गाद को अधिकतम दो घंटे के भीतर अधिकृत डंपिंग ग्राउंड में डाला जाना चाहिए। साथ ही नालों काे हर समय साफ करना चाहिए।
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जल निकासी के कितने नाले किस विभाग के पास
विभाग नाले किलोमीटर में
पीडब्ल्यूडी- 2064.08
एमसीडी- 521.87
बाढ़ एवं सिचाई विभाग- 426.55
एनडीएमसी- 335.29
डीडीए- 251.30
डीएसआईआईडीसी- 98.12
दिल्ली केंट बाेर्ड- 39.88
एनटीपीसी- 3.42
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विभाग आंतरिक ऑडिट कर दोनों रिपोर्ट की तुलना भी करेगा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी में नालों की सफाई को लेकर विभागों की कार्यशैली पर कई सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) अपने अधीन आने वाले नालाें की सफाई के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट कराने पर विचार कर रहा है। इसके लिए नेताजी सुभाष यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी (एनएसयूटी) की मदद लेने की बात कही जा रही है। इसके साथ ही विभाग आंतरिक ऑडिट भी करेगा।
बीते वर्ष राजधानी के कई इलाकों में भारी बारिश और बाढ़ के बाद नालों की सफाई का मुद्दा उठा था। तब सफाई के कामों का
थर्ड पार्टी ऑडिट करवाने की बात की गई थी, लेकिन ऑडिट नहीं कराया गया। अब राजेंद्र नगर इलाके में जलभराव के कारण कोचिंग सेंटर के बेसमेंट में पानी भरने से हुई तीन छात्रों की मौत के बाद ऑडिट कराने की योजना बनाई गई है। पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों ने बताया कि थर्ड पार्टी ऑडिट के साथ ही विभाग आंतरिक ऑडिट भी करेगा। फिर दोनों रिपोर्टों की तुलना की जाएगी। हाल ही में दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने सभी विभागों को सख्त निर्देश दिया है कि वह नालों की सफाई के काम में लगे ठेकेदारों को तब तक भुगतान नहीं करें जब तक थर्ड पार्टी ऑडिट नहीं हो जाता है।
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बता दें कि राजधानी में 50 फीसदी नाले पीडब्ल्यूडी के अधीन है। हाल के दिनों में जलभराव के मामलों पर दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री सौरभ भारद्वाज ने मुख्य सचिव नरेश कुमार पर नालों की सफाई को लेकर लापरवाही का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि विभाग कागजों में नालों की 100 फीसदी सफाई का दावा करते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत इससे काफी दूर होती है। ऐसे में हर वर्ष राजधानी में जलभराव की समस्या रहती है। नालों की सफाई के कामों का थर्ड पार्टी ऑडिट करवाने से पता चल जाएगा की कितनी सफाई हुई है कितनी नहीं।
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हाल में जारी की है पीडब्ल्यूडी ने एसओपी
पीडब्ल्यूडी ने नालों की उचित सफाई, पंपों के संचालन, सड़क मरम्मत का कार्य और बिजली के करंट से बचने के लिए एहतियाती उपाय के तहत हाल ही में एक मानक परिचालन प्रकिया (एसओपी) भी जारी की है। इसके अनुसार नालों से निकाली गई गाद को अधिकतम दो घंटे के भीतर अधिकृत डंपिंग ग्राउंड में डाला जाना चाहिए। साथ ही नालों काे हर समय साफ करना चाहिए।
जल निकासी के कितने नाले किस विभाग के पास
विभाग नाले किलोमीटर में
पीडब्ल्यूडी- 2064.08
एमसीडी- 521.87
बाढ़ एवं सिचाई विभाग- 426.55
एनडीएमसी- 335.29
डीडीए- 251.30
डीएसआईआईडीसी- 98.12
दिल्ली केंट बाेर्ड- 39.88
एनटीपीसी- 3.42