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Delhi NCR News: निदेशालय से मंजूरी का नहीं करना पड़ेगा इंतजार, प्रधानाचार्य करा सकेंगे पांच लाख तक के काम
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संवाद न्यूज एजेंसी
हथीन। राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापकों को मरम्मत कार्यों की मंजूरी के लिए निदेशालय की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे खुद ही अपने स्कूलों में पांच लाख रुपये तक की मरम्मत के कार्य करा सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने स्कूल मुखियाओं को चाइल्ड वेलफेयर फंड से पांच लाख रुपये के मरम्मत कार्य करवाने को मंजूरी दी है। पिछले दिनों शिक्षा अधिकारियों के सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, बाउंड्री वाल और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में खामियां पाई गई थी। कुछ स्कूलों में नल, शौचालय और शौचालय की फिटिंग भी जर्जर हालत में पाई गई थी। कुछ स्कूलों में तो नल से टोंटी तक गायब थी। इसके अलावा कुछ शौचालय में पानी की फिटिंग भी गायब मिली।
इसके अलावा कुछ विद्यालयों में तो चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त मिली। इस वजह से बाहरी लोग विद्यालय परिसर में ही गंदगी डाल रहे हैं। इन सबके बीच विद्यालय मुखिया को कार्य कराने के लिए मुख्यालय से बजट का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अब ये काम आसान हो गया है।
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हथीन। राजकीय विद्यालयों में प्रधानाचार्य और मुख्याध्यापकों को मरम्मत कार्यों की मंजूरी के लिए निदेशालय की मंजूरी का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वे खुद ही अपने स्कूलों में पांच लाख रुपये तक की मरम्मत के कार्य करा सकेंगे। इसके लिए शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव ने स्कूल मुखियाओं को चाइल्ड वेलफेयर फंड से पांच लाख रुपये के मरम्मत कार्य करवाने को मंजूरी दी है। पिछले दिनों शिक्षा अधिकारियों के सरकारी स्कूलों के औचक निरीक्षण के दौरान कई विद्यालयों में सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालयों की स्थिति, बाउंड्री वाल और स्वच्छता संबंधी व्यवस्थाओं में खामियां पाई गई थी। कुछ स्कूलों में नल, शौचालय और शौचालय की फिटिंग भी जर्जर हालत में पाई गई थी। कुछ स्कूलों में तो नल से टोंटी तक गायब थी। इसके अलावा कुछ शौचालय में पानी की फिटिंग भी गायब मिली।
इसके अलावा कुछ विद्यालयों में तो चहारदीवारी भी क्षतिग्रस्त मिली। इस वजह से बाहरी लोग विद्यालय परिसर में ही गंदगी डाल रहे हैं। इन सबके बीच विद्यालय मुखिया को कार्य कराने के लिए मुख्यालय से बजट का इंतजार करना पड़ता है। लेकिन अब ये काम आसान हो गया है।
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