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गलत सर्जरी करने से हुई थी महिला की मौत, अस्पताल देगा मुआवजा
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Fri, 24 Jun 2016 12:00 AM IST
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महिला की गलत सर्जरी से मौत के मामले में परिजनों को 10 लाख रुपये का मुआवजा देने का निर्देश जिला उपभोक्ता फोरम ने अपोलो अस्पताल को दिया है।
महिला ने सिर में ट्यूमर की सर्जरी करवाई थी लेकिन यह सर्जरी गलत तरीके से की गई थी।
इस कारण महिला को दूसरी सर्जरी करवानी पड़ी थी। दक्षिण दिल्ली जिला उपभोक्ता फोरम ने 10.5 लाख रुपये का मुआवजा उत्तराखंड निवासी चंदा देवी के परिजनों को देने का
निर्देश अस्पताल को दिया है। चंदा देवी की लंबी बीमारी के बाद 2015 में मौत हो गई थी। उपभोक्ता फोरम ने फैसले में इस बात पर गौर किया कि अस्पताल में 2002 में चंदा देवी के सिर से ट्यूमर निकालने के लिये ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया था।
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महिला ने सिर में ट्यूमर की सर्जरी करवाई थी लेकिन यह सर्जरी गलत तरीके से की गई थी।
इस कारण महिला को दूसरी सर्जरी करवानी पड़ी थी। दक्षिण दिल्ली जिला उपभोक्ता फोरम ने 10.5 लाख रुपये का मुआवजा उत्तराखंड निवासी चंदा देवी के परिजनों को देने का
निर्देश अस्पताल को दिया है। चंदा देवी की लंबी बीमारी के बाद 2015 में मौत हो गई थी। उपभोक्ता फोरम ने फैसले में इस बात पर गौर किया कि अस्पताल में 2002 में चंदा देवी के सिर से ट्यूमर निकालने के लिये ऑपरेशन गलत तरीके से किया गया था।
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डॉक्टर ने साधारण सरदर्द बताकर दी दवाई लेने की सलाह
चिकित्सक
इसके बाद 2 साल तक चंदा देवी सिरदर्द से पीड़ित रही थी। इससे तंग आकर उन्हें दोबारा दूसरे अस्पताल में ऑपरेशनकरवाना पड़ा था। फोरम ने फैसले में कहा कि इस मामले में अपोलो अस्पताल व ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर की लापरवाही साबित होती है।
मृतका का अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसके दिमाग में ट्यूमर था। इस कारण उसे दोबारा ऑपरेशन करवाना पड़ा था। पीड़ित पक्ष के मुताबिक चंदा देवी को सितंबर 2002 में सिरदर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वह करीब 9 माह से सिर दर्द से पीड़ित थी।
डॉक्टरों ने उसके सिर में ट्यूमर बताते हुए ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी। डॉक्टर ने ट्यूमर को निकालने के बजाय उसे दबा दिया था। कुछ समय बाद चंदा देवी के सिर में दोबारा दर्द शुरू हो गया था।
जब डॉक्टर से शिकायत की गई तो उसने साधारण सिरदर्द बताते हुए दवा लेने की सलाह दी थी। पीड़िता के परिजनों ने 42 लाख रुपये के मुआवजे के लिये राज्य उपभोक्ता आयोग में मुकदमा डाला था। आयोग ने इस मुकदमे को सुनवाई के लिये जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष भेज दिया था।
मृतका का अस्पताल में इलाज चल रहा था। उसके दिमाग में ट्यूमर था। इस कारण उसे दोबारा ऑपरेशन करवाना पड़ा था। पीड़ित पक्ष के मुताबिक चंदा देवी को सितंबर 2002 में सिरदर्द की शिकायत के चलते अस्पताल में भर्ती करवाया गया था। वह करीब 9 माह से सिर दर्द से पीड़ित थी।
डॉक्टरों ने उसके सिर में ट्यूमर बताते हुए ऑपरेशन करवाने की सलाह दी थी। डॉक्टर ने ट्यूमर को निकालने के बजाय उसे दबा दिया था। कुछ समय बाद चंदा देवी के सिर में दोबारा दर्द शुरू हो गया था।
जब डॉक्टर से शिकायत की गई तो उसने साधारण सिरदर्द बताते हुए दवा लेने की सलाह दी थी। पीड़िता के परिजनों ने 42 लाख रुपये के मुआवजे के लिये राज्य उपभोक्ता आयोग में मुकदमा डाला था। आयोग ने इस मुकदमे को सुनवाई के लिये जिला उपभोक्ता फोरम के समक्ष भेज दिया था।