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Delhi: दिल्ली के उस्मानपुर गांव में सुविधाएं नहीं, चारों ओर तार लगाकर गांव को जेल में तब्दील किया

Wed, 15 Jan 2025 08:39 AM IST
अनुज कुमार अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली Published by: अनुज कुमार Updated Wed, 15 Jan 2025 08:39 AM IST
सार

अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने का कारण ओजोन घोषित क्षेत्र बताया। उनका कहना है कि यह क्षेत्र यमुना नदी से करीब तीन किलोमीटर दूर है, जबकि ओजोन क्षेत्र का यमुना नदी से 300 मीटर तक का दायरा है।

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There are no facilities in the village of Usmanpur in Delhi
पुराना उस्मानपुर इलाके में अमर उजाला संवाद कार्यक्रम के दौरान स्थानीय लोग। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

पूर्वी दिल्ली के पुराना उस्मानपुर गांव में सुविधाओं की भारी कमी है। यह गांव कभी मोरी गेट-तीस हजारी कोर्ट के पास बसा था, मगर अंग्रेज शासन के दौरान दिल्ली को राजधानी बनाने के समय इस गांव को यमुना नदी के किनारे बसा दिया गया। समय के साथ इस गांव को प्रशासनिक उदासीनता और असमानता का शिकार होना पड़ा।

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अमर उजाला संवाद में ग्रामीणों ने सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने का कारण ओजोन घोषित क्षेत्र बताया। उनका कहना है कि यह क्षेत्र यमुना नदी से करीब तीन किलोमीटर दूर है, जबकि ओजोन क्षेत्र का यमुना नदी से 300 मीटर तक का दायरा है। बावजूद इसके, गांव को ओजोन क्षेत्र घोषित कर यहां किसी भी प्रकार की सरकारी सुविधाएं प्रदान करने से इन्कार किया जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, यमुना नदी के किनारे बसे अन्य इलाकों को सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन उनके गांव को इस अधिकार से वंचित कर दिया गया है। 
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ग्रामीण अनिल डेढ़ा कहते हैं कि गांव ऐतिहासिक रूप से महत्वपूर्ण रहा है, लेकिन आज इसकी पहचान उपेक्षा और असमानता से जुड़ी है। अंग्रेज शासनकाल में इसे यमुना नदी के किनारे बसाने का निर्णय भले ही प्रशासनिक कारणों से लिया गया हो, लेकिन वर्तमान में इस गांव की स्थिति मानवाधिकारों के हनन की मिसाल है। ग्रामीण खुशीराम ने कहा कि गांव में स्कूल, स्वास्थ्य सेवाएं, बस सेवा, सामुदायिक भवन और सीवर की सुविधा का नामोनिशान नहीं है। 
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गांव में पीने के पानी के लिए न तो पाइपलाइन बिछाई गई है न ही पर्याप्त मात्रा में पानी के टैंकर उपलब्ध कराए जाते हैं। परिणामस्वरूप, गांववासियों को महंगा पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ता है। - जयपाल

गांव में बिजली की स्थिति चिंताजनक है। 50 प्रतिशत घरों में बिजली नहीं है, क्योंकि बिजली कनेक्शन देने से इन्कार किया जा रहा है। इस कारण गांव ही नहीं, बल्कि घर भी अंधेेरे में डूबे रहते हैं। - जीत राम

गांव में बरसात के मौसम में स्थिति काफी विकट हो जाती है। गंदे पानी की निकासी की उचित व्यवस्था नहीं है। गांव में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं। - सुभाष


चुनाव के समय नेता वोट मांगने के लिए आते हैं, लेकिन उनके जीवन को बेहतर बनाने के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया जाता। सुविधाओं के अभाव में गांववासियों को अपने हक के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।- विजेंद्र

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