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गन थामने वाली महिला ने कराया चलती PCR में नन्ही परी का जन्म

Mon, 07 Sep 2015 02:30 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 07 Sep 2015 02:30 PM IST
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The woman was holding the gun helped in little angel born in moving PCR.

पीसीआर वैन में महिला ने दिया नन्ही परी को जन्म। जी हां पालम इलाके में शनिवार सुबह पीसीआर वैन में एक महिला ने बच्ची को जन्म दिया। दरअसल, पालम रेलवे स्टेशन पर अचानक महिला को प्रसव पीड़ा होने लगी।

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पीसीआर कॉल मिलने के बाद मौके पर पहुंची पीसीआर में एक महिला सिपाही भी थी। अस्पताल ले जाते समय अचानक रास्ते में ही महिला ने बच्ची को जन्म दे दिया। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला ने जुड़वां बच्ची को जन्म दिया।
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अस्पताल के डॉक्टरों की मानें तो महिला और उसकी दोनों बच्चियां पूरी तरह स्वस्थ हैं। समय पर अस्पताल ले जाने की वजह से महिला और उसकी दोनों बच्चियों की जान बच गई।
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वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पुलिसकर्मियों की सूझबूझ के लिए उन्हें उचित इनाम देने की घोषणा की है। पीसीआर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पालम इलाके में उनकी जेबरा-43, पीसीआर वैन तैनात थी।

एक बच्ची अस्पताल में जन्मी एक पीसीआर में

The woman was holding the gun helped in little angel born in moving PCR.

इस पीसीआर वैन पर इंचार्ज एएसआई राजबीर, ड्राइवर सिपाही धर्मवीर और गनमैन महिला सिपाही भगवती मौजूद थे। सुबह 10:35 बजे इन्हें कॉल मिली कि पालम रेलवे स्टेशन पर एक महिला को प्रसव पीड़ा हो रही है।

बिना देर किए पांच मिनट के भीतर पीसीआर रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। महिला दर्ज से छटपटा रही थी। भगवती ने महिला की हालत देखकर तुरंत राजबीर से लक्ष्मीबाई (35) को नजदीकी दादा देव जच्चा-बच्चा अस्पताल ले जाने के लिए कहा।

रेलवे स्टेशन से अस्पताल के रास्ते में ही लक्ष्मीबाई ने एक बच्ची को जन्म दे दिया। भगवती ने किसी तरह लक्ष्मीबाई की बच्ची को संभाला अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने फौरन बच्ची और लक्ष्मीबाई को भर्ती किया।

कुछ ही देर में लक्ष्मीबाई ने एक और बच्ची को जन्म दिया। डॉक्टरों का कहना है कि थोड़ी सी लापरवाही से लक्ष्मीबाई और उसकी बच्चियों की जान जा सकती थी।

महिला को हिम्मत देती रही भगवती

The woman was holding the gun helped in little angel born in moving PCR.

लेकिन समय से सुरक्षित अस्पताल पहुंचाकर पुलिसकर्मियों ने दोनों बच्चियों और उनकी मां की जान बचा ली। शनिवार को वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने पीसीआर कर्मियों जमकर तारीफ की।

लक्ष्मी अपने पति शंकर के साथ पालम इलाके में रहती है। वह रेलवे स्टेशन पर ही मजदूरी करती है। प्रसव पीड़ा के दौरान लक्ष्मी अकेली थी। राहगीरों ने कॉल कर पुलिस को सूचना दी थी।

एमपी-5 गन थामने वाले हाथों ने कराया जन्म-
बेहद आधुनिक हथियार एमपी-5 गन थामने वाली भगवती ने महिला होने का फर्ज निभाते हुए नन्ही परी का पीसीआर में जन्म कराया। भगवती के मुताबिक महिला को पीसीआर में लिटाते ही कुछ देर बाद उसने बच्ची को जन्म दे दिया।

एमपी-5 गन गले में टांगे रखने के दौरान किसी तरह भगवती ने लक्ष्मी और उसकी बच्ची को संभाला। इस बीच रास्ते में भगवती महिला को हिम्मत रखने के लिए भी समझाती रही।

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