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वह दर्द से चीखती रही, लोग देखकर निकलते रहे

Wed, 24 Dec 2014 02:03 PM IST
Updated Wed, 24 Dec 2014 02:03 PM IST
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The victim calls people for help, but no one can help her.

राजधानी में भरे बाजार एक युवती पर तेजाब डाला गया। बदमाशों को पकड़ना तो दूर, कोई पीड़िता की मदद तक के लिए तैयार नहीं हुआ। काफी देर तक वह दर्द से चिल्लाती रही। पास से गुजरने वाले उसे देखते मगर बिना मदद किए ही वहां से निकलते रहे।

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पीड़िता ने हाथ से इशारा कर लोगों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन लोग अनसुना करते रहे। काफी देर बाद कुछ लोगों ने पीड़िता के भाई व पुलिस को सूचना दी। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस करीब 50 मिनट बाद घटनास्थल पर पहुंची, हालांकि पुलिस आरोप से इनकार कर रही है।
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जानकारी के अनुसार सीसीटीवी कैमरे की फुटेज से पता चल रहा है कि सुबह 9:23 बजे डिस्कवर बाइक पर आए दो लड़कों ने युवती पर तेजाब डाला। इसके बाद दोनों फरार हो गए। पीड़िता ने दर्द की वजह से अपनी स्कूटी रोक दी। वह आसपास से गुजर रहे लोगों से मदद मांगने लगी। लेकिन लोग उसे नजरअंदाज कर आगे बढ़ते रहे।
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काफी देर बाद पास की बिल्डिंग से नजारा देख रहे अभिषेक जेटली नामक शख्स उतरकर आए। उन्होंने पीड़िता के कहने पर उसके भाई को फोन किया। बाद में पुलिस को भी कॉल की। करीब 25 मिनट बाद पीड़िता का भाई मौके पर पहुंच गया। लोगों का आरोप है कि पुलिस तब पहुंची, जब उसका भाई उसे ईएसआई अस्पताल पहुंचा चुका था।

पुलिस व सरकार को नोटिस देकर जवाब मांगा

The victim calls people for help, but no one can help her.

एसिड की बिक्री पर रोक लगाने व पुनर्वास की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाली एसिड अटैक पीड़ित महिलाओं ने पुलिस पर गैरकानूनी हिरासत, हिंसा व मारपीट का आरोप लगाते हुए हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। उन्होंने दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई व मुआवजे की मांग की है। अदालत ने पुलिस आयुक्त व दिल्ली सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

न्यायमूर्ति विभू बाखरू ने पुलिस आयुक्त को संसद मार्ग थाने की 18 दिसंबर की सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने का भी निर्देश दिया है। इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट करने का निर्देश दिया है कि क्यों न याचिकाकर्ताओं को मुआवजा दिया जाए। अदालत ने मामले की सुनवाई 3 फरवरी तय की है।

याची लक्ष्मी व अन्य के अधिवक्ता लव कुमार ने अदालत को बताया कि पुलिस द्वारा पांच एसिड अटैक पीड़िताओं सहित अन्य को शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान 18 दिसंबर को गैरकानूनी रूप से हिरासत में लेकर संसद मार्ग थाने लाया गया। उन्होंने कहा कि थाने में उनके मुवक्किलों और अन्य के साथ मारपीट की गई।

उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किलों ने पीसीआर को कॉल किया और काफी लोगों ने क्षेत्रीय डीसीपी को इस घटना की जानकारी दी तभी शाम पांच बजे उनको रिहा किया गया। पुलिस ने उनका मेडिकल करवाने से भी इनकार कर दिया। उन्होंने अदालत से आग्रह किया कि पूरे मामले की विशेष जांच दल से जांच करवाई जाए। इसके साथ ही पीड़ितों को 10 लाख रुपये हर्जाने के अलावा 50-50 हजार रुपये मुआवजा दिलवाया जाए।

रोक के बाद भी खुलेआम बिक रहा एसिड

The victim calls people for help, but no one can help her.

तेजाब की बिक्री पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद राजधानी में खुलेआम एसिड बिक रहा है। यही वजह है कि सिरफिरों को आसानी से तेजाब मिल जाता है और वह मासूम लड़कियों व अन्य लोगों को अपना शिकार बना लेते हैं।

स्टॉप एसिड अटैक कैंपेन से जुड़े चेतन गुप्ता बताते हैं कि कोर्ट का आदेश आने के बाद कुछ दिनों के लिए दुकानों से तेजाब गायब हो गया था, लेकिन उसके कुछ ही दिनों बाद दुकानों पर फिर दिखने लगा। चेतन ने तेजाब की बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

राजौरी गार्डन में निकाला गया कैंडल मार्च
राजौरी गार्डन इलाके में मंगलवार को तेजाब डालने की घटना के विरोध में स्टॉप एसिड अटैक कंपेन के सदस्यों ने घटना स्थल के आसपास कैंडल मार्च निकाला। इसमें तेजाब पीड़ितों ने हिस्सा लिया। इन लोगों आरोपियों को जल्द पकड़कर सजा दिलवाए जाने की मांग की। शाम करीब 7:30 बजे मेन मार्केट राजौरी गार्डन से शुरू हुआ मार्च एक किलोमीटर के इलाके में निकाला गया।

बाइक सवारों ने महिला डॉक्टर पर फेंका था तेजाब

The victim calls people for help, but no one can help her.

दिल्ली के राजौरी गार्डन इलाके में मंगलवार सुबह मेन बाजार में बाइक सवार दो लड़कों ने एक महिला डॉक्टर पर तेजाब फेंक दिया। हमले में 30 साल की डॉक्टर का चेहरा बुरी तरह झुलस गया। गंभीर हालत में उन्हें एम्स में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर की एक आंख को नुकसान पहुंचा है। युवती की चंद दिनों बाद शादी तय है।

 
पुलिस के मुताबिक मूलरूप से पंजाब की रहने वाली डॉक्टर अमृता कौर (30) भाई के साथ हरी नगर में रहती हैं। उनके पिता बीएसएफ में डीआईजी हैं और मध्य प्रदेश में तैनात हैं। अमृता का बाकी परिवार पंजाब में रहता है।

अमृता बसईदारापुर रिंग रोड, बाली नगर स्थित ईएसआई अस्पताल में डॉक्टर हैं। इससे पहले वह नोएडा के एक निजी अस्पताल में भी काम कर चुकी हैं। मंगलवार सुबह अन्य दिनों की तरह वह अपनी सफेद स्कूटी से अस्पताल के लिए निकलीं। जैसे ही वह राजौरी गार्डन मेन मार्केट में हरी ज्वेलर के पास पहुंचीं, उनके साथ एक बाइक पर सवार दो युवक चलने लगे।

करीब 50 मीटर साथ चलने के बाद एक युवक ने अमृता से उनका बैैग छीन लिया और पीछे बैठे युवक ने उनके चेहरे पर दाईं ओर से तेजाब डाल दिया। वारदात के बाद बदमाश फरार हो गए। अमृता दर्द से चिल्लाने लगीं। स्थानीय लोगों ने मामले की सूचना पुलिस और परिजनों को दी। सूत्रों के मुताबिक अमृता का चेहरा 40 से 50 फीसदी झुलस गया है। पुलिस को शक है कि यह हरकत एकतरफ प्यार में पड़े किसी सिरफिरे की हो सकती है।

आम आदमी पार्टी के नेता आशुतोष ने कहा है कि राजधानी में महिलाओं की सुरक्षा खस्ताहाल है। बावजूद इसके दिल्ली पुलिस व प्रशासन का रवैया ठीक नहीं है। हमारी मांग है कि इस मामले में जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो। साथ ही समयबद्ध तरीके से मामले का निपटारा हो ताकि पीड़िता को इंसाफ मिल सके।

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