ट्रेन के चलने पर खुद ही बंद हो जाएगा दरवाजा, होंगी कई खूबियां
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ट्रेन का कोच अब मेट्रो ट्रेन की तरह होगा। ट्रेन जैसे ही प्लेटफार्म छोड़ेंगी सभी कोच के गेट ऑटोमेटिक बंद हो जाएंगे। नये कोच को इस तरह से भी तैयार किया जा रहा है कि ट्रेन हवा से बातें कर सके।
200 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से ट्रैक पर दौड़ सके। इस कोच की अन्य खासियत में दो कोच को जोड़ने वाले इंटर कार गैंग वे को भी बेहतर किया गया है।
नये डिजाइन का यह कोच कपूरथला रेल कोच फैक्ट्री में तैयार किया जा रहा है। फिलहाल 20 कोच पर काम किया जा रहा है, जिसमें 14 एसी चेयर, 3 एक्जक्यूटिव चेयर कार व 3 पॉवर कार शामिल है।
इनमें 2 एक्जक्यूटिव व 2 एसी चेयर कार लगभग बनकर तैयार है। 31 मार्च ये चारों कोच पूरी तरह से तैयार हो जाएंगे और इसका ट्रायल रन भी शुरू हो जाएगा।
ये भी होंगी खूबियां
रेलवे अधिकारी ने बताया कि इस ट्रेन के कोच में ऑटोमेटिक डोर होगा। ट्रेन के 5 किलोमीटर प्रतिघंटे की स्पीड पकड़ते ही भीतर वाला गेट खुद ही बंद हो जाएगा।
कोच का रंगरोगन अहमदाबाद स्थित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ डिजाइन में तैयार किया गया है। यात्रियों की सुविधा के लिए इस कोच में वैक्यूम टॉयलेट, फ्लशिंग सिस्टम, अटेंडेंट कॉल बेल, जीपीएस, एयरक्राफ्ट की तर्ज पर पेंट्री, एलईडी लाइट से लैस होगा।
माना जा रहा है कि इस साल मई-जून महीने में इस तरह की कोच ट्रैक पर आ जाएगी। कोच का डिजाइन चीते के रंगों वाला होगा। उल्लेखनीय है कि पिछले दिनों ही भोपाल में आधुनिक डिजाइन का कोच तैयार किया गया था।
जिसें बनारस-दिल्ली के बीच चलने वाली महामना ट्रेन में इस्तेमाल किया जा रहा है। इस होड़ में अब कपूरथला कोच फैक्ट्री ने भी आधुनिक कोच तैयार करने में जुटा है।