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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The strike by municipal workers has increased the risk of mosquito-borne diseases.

Delhi: निगमकर्मियों की हड़ताल से मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ा, नियंत्रण में देरी से परिणाम होंगे गंभीर

Sat, 25 Oct 2025 03:33 AM IST
दुष्यंत शर्मा विनोद डबास, नई दिल्ली
विनोद डबास, नई दिल्ली Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sat, 25 Oct 2025 03:33 AM IST
सार

घरों व अन्य परिसरों में मच्छरों के लार्वा की जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, लोगों को जागरूक करने का कार्य भी ठप हो गया है। एमटीएस कर्मचारी 29 सितंबर से हड़ताल पर जाने के साथ-साथ एमसीडी मुख्यालय सिविक सेंटर के समक्ष धरना दे रहे हैं।

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The strike by municipal workers has increased the risk of mosquito-borne diseases.
demo - फोटो : Freepik.com

विस्तार

एमसीडी के एमटीएस कर्मियों की हड़ताल से राजधानी में मच्छर जनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। घरों व अन्य परिसरों में मच्छरों के लार्वा की जांच नहीं हो पा रही है। वहीं, लोगों को जागरूक करने का कार्य भी ठप हो गया है। एमटीएस कर्मचारी 29 सितंबर से हड़ताल पर जाने के साथ-साथ एमसीडी मुख्यालय सिविक सेंटर के समक्ष धरना दे रहे हैं।

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एमटीएस की हड़ताल शुरू होने से पहले 27 सितंबर तक मच्छरजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए प्रति सप्ताह लगभग 9.5 लाख घरों का निरीक्षण चल रहा था। इस दौरान करीब 11 हजार परिसरों में मच्छर का लार्वा मिला था। जागरूकता गतिविधियों के जरिए लोगों को घरों और आसपास की साफ-सफाई पर ध्यान देने के लिए निर्देशित किया जा रहा था।
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लेकिन एमटीएस की हड़ताल से 11 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट के अनुसार, इस सप्ताह करीब 75 हजार घरों की ही जांच हो सकी। इनमें केवल 1,100 परिसरों में लार्वा मिला। वहीं 18 अक्तूबर को जारी रिपोर्ट में देखा गया कि 12 से 18 अक्टूबर के बीच सिर्फ 73 हजार परिसरों की जांच हो पाई, जिसमें लगभग 1,000 परिसरों में ही लार्वा पाया गया।
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अब मच्छरजनित बीमारियों के मामलों में भी इजाफा दर्ज किया गया। एमसीडी की रिपोर्ट के अनुसार, 27 सितंबर को समाप्त हुए सप्ताह में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के 121 मामले सामने आए थे। 18 अक्तूबर को समाप्त हुए सप्ताह में इन मामलों की संख्या बढ़कर 149 हो गई। 

नियंत्रण में देरी से परिणाम होंगे गंभीर
विशेषज्ञों का कहना है कि मच्छर नियंत्रण में किसी भी प्रकार की देरी गंभीर परिणाम ला सकती है। घरों में जमा पानी और लार्वा अनियंत्रित रहने पर मच्छर जनित बीमारियों का प्रसार तेजी से हो सकता है।


हड़ताल के कारण जागरूकता कार्यक्रम भी प्रभावित हुए हैं, जिससे लोग अपने घरों और आसपास की सफाई पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार यदि जल्द ही यह काम सुचारू नहीं हुआ, तो आने वाले महीनों में डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया के मामले और बढ़ सकते हैं।

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