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Delhi NCR News: कला की कहानी बिकने के साथ खत्म नहीं होती
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नई दिल्ली। किसी कलाकृति की कहानी उसके बिकने के साथ खत्म नहीं होती। वह अलग-अलग घरों, संग्रहों और पीढ़ियों से गुजरते हुए नई कहानी रचती रहती है। इसी बात को सार्थक करते हुए मंगलवार को गैलरी पायनियर में 'कॉन्टूर्स ऑफ मॉडर्निज्म' शीर्षक से प्रदर्शनी आयोजित की गई।
प्रदर्शनी में एसएच रजा, एफएन सूजा, केएच आरा, केएस कुलकर्णी, जीआर संतोष, मनु पारेख, शुभप्रसन्ना और थोटा वैकुंठम समेत कई प्रमुख कलाकारों की कृतियां शामिल हैं। खास पहलू यह है कि कई कृतियां वर्षों तक निजी घरों और संग्रहों का हिस्सा रहीं और अब लंबे अंतराल के बाद फिर दर्शकों के सामने आई हैं। हर कलाकृति अपने साथ केवल कला का इतिहास नहीं, बल्कि जुड़े लोगों और रिश्तों की कहानी भी लेकर आती है। संवाद
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प्रदर्शनी में एसएच रजा, एफएन सूजा, केएच आरा, केएस कुलकर्णी, जीआर संतोष, मनु पारेख, शुभप्रसन्ना और थोटा वैकुंठम समेत कई प्रमुख कलाकारों की कृतियां शामिल हैं। खास पहलू यह है कि कई कृतियां वर्षों तक निजी घरों और संग्रहों का हिस्सा रहीं और अब लंबे अंतराल के बाद फिर दर्शकों के सामने आई हैं। हर कलाकृति अपने साथ केवल कला का इतिहास नहीं, बल्कि जुड़े लोगों और रिश्तों की कहानी भी लेकर आती है। संवाद
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