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चीन के लिए जासूसी में भी गिरफ्तार हो चुका है हवाला रैकेट का सरगना
Thu, 13 Aug 2020 07:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
पुरुषोत्तम वर्मा, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Thu, 13 Aug 2020 07:37 AM IST
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आयकर विभाग ने जिन चीनी कंपनियों के परिसरों में छापेमारी कर 1000 करोड़ के हवाला रैकेट का पर्दाफाश किया है वह दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के इनपुट्स के बाद किया है। चीनी नागरिक भारतीय अर्थव्यवस्था पर बहुत बड़ी चोट कर रहा था। वह हर रोज तीन करोड़ से ज्यादा चीन भेजता था।
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दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने चीनी नागरिक चार्ली पैंग उर्फ लुओ संग(42) को सितंबर, 2018 में चीन के लिए जासूसी के आरोप में गिरफ्तार किया था। तब चीनी नागरिक से पूछताछ में हवाला की बात सामने आई थी। तब भी इसकी कई कंपनियां थीं। आरोपी के पास भारी मात्रा में रुपये व विदेशी करेंसी मिली थी। इसके बाद स्पेशल सेल ने आगे की जांच के लिए ईडी व आयकर विभाग को पत्र लिखा था। इस पत्र पर ही चीनी नागरिक पर विशेष नजर रखी जा रही थी।
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स्पेशल सेल के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि चीनी नागरिक चार्ली पैंग को एसीपी ललित मोहन नेगी व ह्दयभूषण की देखरेख में इंस्पेक्टर संजय गुप्ता ने मजनू के टीला से 13 सितंबर, 2018 को गिरफ्तार किया था। स्पेशल सेल ने इसे जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार था। चार्ली पैंग नेपाल के रास्ते सात वर्ष पहले भारत आया था। ये सेक्टर-19 द्वारका में रहकर हवाला व मनी एक्सचेंजर का काम करने लगा।
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द्वारका के पते पर इसने आधार कार्ड बनवा लिया। इस आधार कार्ड के आधार पर भारतीय पासपोर्ट बनवाने के लिए आवेदन किया। इसका पासपोर्ट खारिज हो गया तो इसने आधार कार्ड का पता मणिपुर का करवा लिया और नागालैंड की युवती से शादी कर ली। यहां से इसने सारे भारतीय कागजात फर्जी तरीके से बनवाए। इसके पास से उस समय भारतीय पते पर बनवाए गए भारतीय आधार कार्ड, पासपोर्ट, पेन कार्ड, लग्जरी कार, विजिटिंग कार्ड, 340000 रुपये, 22000 थाई करेंसी और 2000 यूएस डॉलर बरामद किए गए थे।
स्पेशल सेल के पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस समय इसने गुरुग्राम व दिल्ली में कई कंपिनयां बना रखी थीं। ये फर्जी तरीके से कागजों में चीनी सामान भारत मंगा लेता था। इसके बात ये भारी मात्रा में भारतीय करेंसी को हवाला के जरिए चीन भेजता था। चार्ली पैंग को करीब छह महीने बाद ही जमानत मिल गई थी। इसके बाद ये भारत में ही रह रहा था।
जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने कई और कंपनियां बना लीं थीं और हवाला रैकेट से फिर मोटी रकम भेजने लगा था। इसने कुछ भारतीय व बैंक अधिकारियों को हवाला रैकेट में शामिल किया। चीन के लिए जासूसी करने के मामले में स्पेशल सेल चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और कोर्ट में ट्रायल चल रहा है।
फर्जी नामों से 40 बैंक खाते खोल रखे थे
चीनी नागरिक चार्ली पैंग ने भारतीय नामों से भारत में करीब 40 बैंक खाते खोल रखे थे और कई कंपनियों की नुमाइंदगी कर रहा था। इन्हीं कंपनियों के जरिए ये हवाला रैकेट चला रहा था। ये तीन करोड़ से ज्यादा रोज चीन भेजता था।