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Delhi : दिल्ली सरकार और राजनिवास में बढ़ी रार, इस बार नए अस्पतालों में डॉक्टर और अन्य कर्मियों को लेकर खींचतान
Sat, 24 Aug 2024 05:40 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sat, 24 Aug 2024 05:40 AM IST
सार
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की और अन्य सहायक स्टाफ की नियुक्ति करने का अधिकार उपराज्यपाल के अधीन आने वाले सेवा विभाग का है।
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वीके सक्सेना और सौरभ भारद्वाज
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
दिल्ली में बनाए जा रहे नए अस्पतालों में डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ सहित अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के पदों को लेकर दिल्ली सरकार और राजनिवास में रार बढ़ गई है। दिल्ली सरकार ने दावा किया है कि कोरोना महामारी के दौरान वैज्ञानिकों ने 80 हजार बेड की जरूरत बताई थी। उन्हीं की चेतावनी के बाद दिल्ली में 14 हजार बिस्तर बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। इन अस्पतालों को लेकर हर साल उपराज्यपाल के पास बजट जाता है। वह उसे पास भी करते हैं।
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दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज ने कहा कि अस्पतालों में डॉक्टरों की और अन्य सहायक स्टाफ की नियुक्ति करने का अधिकार उपराज्यपाल के अधीन आने वाले सेवा विभाग का है। सरकार अस्पताल बना सकती है और उस काम को किया जा रहा है। इनमें डॉक्टर व अन्य स्टाफ की नियुक्ति करने का काम एलजी को करवाना है। दिल्ली के अस्पतालों में स्टाफ की कमी की बात एलजी की समक्ष रख रहे हैं। लेकिन पिछले दो साल में उन्होंने सेवा विभाग की एक भी बैठक अस्पताल में डॉक्टर और स्टाफ की कमी के संबंध में नहीं की। मंत्री ने कहा कि हर साल अस्पतालों में नव निर्माण तथा अन्य कार्यों के लिए बजट आवंटित होता है। यह बजट पहले कैबिनेट से पास होता है, उसके बाद उप राज्यपाल के पास स्वीकृति के लिए जाता है। उसके बाद केंद्र सरकार के पास अप्रूवल के लिए जाता है। फिर दोबारा लौटकर विधानसभा में आता है। उस पर विधानसभा में वोटिंग होती है।
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सचिव की जिम्मेदारी
मंत्री ने कहा कि किसी भी विभाग के सचिव का कार्य होता है कि वह उस विभाग से संबंधित रिक्त पदों पर नियुक्ति, तथा विभाग से संबंधित नए पदों का निर्माण सेवा विभाग के साथ और उपराज्यपाल के साथ मिलकर करें। उस पर विज्ञापन निकालकर भर्तियां की जाएं। ऐसे में अस्पतालों में पदों को लेकर स्वास्थ्य सचिव को काम करना था, लेकिन उन्होंने यह काम नहीं किया।
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दिल्लीवालों को गुमराह कर रहे मंत्री : राजनिवास
स्वास्थ्य मंत्री सौरभ भारद्वाज के बयान को राजनिवास ने गुमराह करने वाला बताया है। उन्होंने या उनसे पहले के मंत्री करीब 37 हजार पदों को बनाने के लिए सेवा विभाग को पत्र नहीं लिखा। जबकि इन अस्पतालों के निर्माण की मंजूरी 2019 में ही दे दी गई थी। इन पदों को संबंधित विभाग एआर विभाग, योजना विभाग और वित्त विभाग के परामर्श से बनाया जाता है। यह सभी दिल्ली सरकार के अधीन हस्तांतरित विषय हैं। सृजन के बाद इन्हें भरने के लिए सेवा विभाग को भेजा जाता है। सरकार ने अभी तक पहला कदम भी नहीं उठाया।