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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The rains washed away not only the farmers' crops but also their hopes, leading to tears.

Delhi NCR News: बारिश में किसानों की फसल ही नहीं उम्मीदें भी पानी में बहीं, छलके आंसू

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 08 Apr 2026 12:24 AM IST
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नमी मानकों और खराब मौसम के बीच फंसे अन्नदाता, राहत की कर रहे गुहार
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अनाज के साथ बह गए अरमान, किसान की आंखों में दर्द


संवाद न्यूज एजेंसी



पलवल। जिले में मंगलवार सुबह से लगातार हो रही बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर की अनाज मंडी में खुले में पड़ा गेहूं बारिश में भीगता रहा, जिससे किसानों के चेहरे पर चिंता और बेबसी साफ झलकने लगी। मेहनत से उगाई फसल को यूं बर्बाद होते देख कई किसानों की आंखें नम हो गईं। मंडी में पहुंचे किसान रघुवीर ने दर्द भरे स्वर में बताया कि सरकार की ओर से 12 प्रतिशत नमी मानक तय किया है, लेकिन लगातार खराब मौसम के कारण फसल ठीक से सूख ही नहीं पा रही। पहले ओलावृष्टि ने फसल को नुकसान पहुंचाया, अब बारिश से हालत और खराब हो गई है। ऐसे में हमारी फसल मानकों पर खरी नहीं उतर रही, तो खरीद कैसे होगी। उन्होंने कहा कि बिक्री न होने से आर्थिक संकट और गहरा गया है।



वहीं, मीसा गांव से आए किसान लखमी ने भी अपनी परेशानी साझा की। एक ओर मौसम की मार है, तो दूसरी ओर सरकारी प्रक्रियाओं की जटिलता। गेट पास बनवाने के लिए घंटों लाइन में खड़ा रहना पड़ा। बड़ी मुश्किल से नंबर आया, और अब बारिश में सारा अनाज भीग गया, उन्होंने बताया कि भीगे गेहूं में लस्टर लॉस की समस्या आ रही है, जिससे उसकी गुणवत्ता लगातार गिर रही है। किसानों ने कहा कि हालात उनके नियंत्रण से बाहर हैं। उन्होंने सरकार से मांग की है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए नमी के मानकों में ढील दी जाए, ताकि उनकी मेहनत पूरी तरह बर्बाद न हो। मंडी में भीगते अनाज के साथ किसानों की उम्मीदें भी जैसे पानी में बहती नजर आ रही हैं।
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खरीदे गए गेहूं का उठान नहीं होने से अनाज मंडी में बनी अव्यवस्था
कुल खरीद के मात्र बीसवें हिस्से का हुआ उठान

हथीन। हथीन अनाज मंडी में अब तक एक लाख 11 हजार क्विंटल गेहूं की खरीद हो चुकी है। जिसमें से मात्र पांच हजार क्विंटल का उठान हुआ है। इस प्रकार कुल खरीद का मात्र बीसवें हिस्से से भी कम का उठान हो पाया है। इस कारण मंड़ी में अव्यवस्था बनी हुई है। अव्यवस्था होने के चलते संपूर्ण मंडी क्षेत्र गेहूं से अटा पड़ा है। अनाज मंडी के बाहर अनाज से लदे ट्रक भारी मात्रा में खड़े हुए हैं। इस कारण रोड पर भी जाम की स्थिति बनी हुई है। सूत्रों के मुताबिक दोनों खरीद एजेंसियों के पोर्टल में तकनीकी समस्या है। इस कारण खरीद एजेंसियों की आईडी के माध्यम से अनाज लिफ्टिंग करने वाले ट्रकों के गेटपास नहीं कट रहे हैं। गेट पास न कटने से ट्रकों की भण्डारगारों तक रवानगी नहीं हो पा रही है। नियम अनुसार खरीदे गए गेहूं के भण्डारगारों तक पहुंचने के बाद ही किसानों को ऑनलाइन भुगतान किया जाता है। सरकार ने किसानों को 72 घण्टे में भुगतान करने की योजना बनाई हुई है। हथीन अनाज मंडी में यह व्यवस्था अभी तक लागू नहीं हो पाई है। इसके चलते किसानों में रोष व्याप्त है।
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मार्किट कमेटी के सचिव वीरेंद्र कुंडू ने बताया कि तकनीकी समस्या का निवारण करने के लिए सम्बन्धित स्टाफ को निर्देश दिए गए हैं। शीघ्र ही निवारण कर दिया जाएगा। इस बारे में स्थानीय विधायक मोहम्मद इसराइल चौधरी ने डीसी हरीश कुमार वशिष्ठ से बात कर हथीन अनाज मंडी में व्यवस्था में सुधार करने को कहा है। डीसी ने व्यवस्था सुधार का भरोसा दिलाया है। विधायक ने कहा कि किसानों, आढ़तियों की समस्याओं के निवारण के लिए कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा के माध्यम से प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही व्यवस्था में सुधार होगा।
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