आपातकाल की घोषणा इंदिरा गांधी की कुर्सी बचाने के लिए की गई थी : राजनाथ सिंह
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ऐसी ही कीमत वर्ष 1977 के चुनाव में कांग्रेस नेता इंदिरा गांधी को भी चुकानी पड़ी थी। वह शनिवार को दिल्ली भाजपा की ओर से आयोजित आपातकाल भर्त्सना दिवस कार्यक्रम में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि आपातकाल की घोषणा देश में किसी संविधानिक संकट या विदेशी आक्रमण के कारण नहीं की गई थी, बल्कि वर्ष 1971-72 की राजनीतिक घटनाओं के बाद इंदिरा गांधी की कुर्सी बचाने के लिए की गई थी।
'अपमान करने वाली सरकार को राजनीतिक कीमत चुकानी पडे़गी'
उस दौरान कांग्रेस सरकार ने अंग्रेजों के शासन की दमनकारी नीतियों का अनुसरण किया। कार्यक्रम में भाजपा के राष्ट्रीय संगठन महामंत्री रामलाल ने कहा कि आपातकाल में हमारे साथियों ने लगभग वैसे ही कुर्बानी दी, जैसी अंग्रेजों के शासन के दौरान क्रांतिकारियों ने दी थी।
प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सतीश उपाध्याय ने कहा कि हमारी पीढ़ी सौभाग्यशाली है, स्वतंत्रता सेनानियों के साथ-साथ आपातकाल के विरुद्ध संघर्ष करने वाले लोकतंत्र प्रहरियों से भी प्रेरणा लेने का अवसर प्राप्त है।
भाजपा नेता प्रो. विजय कुमार मलहोत्रा ने कहा कि आपातकाल आजाद भारत के इतिहास का काला अध्याय है। कार्यक्रम के संयोजक पूर्व महापौर महेश चंद शर्मा ने अतिथियों का स्वागत करते हुए आपातकाल से जुड़े अपने संस्मरण कार्यकर्ताओं के बीच रखे।