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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The price of gourd doubled before Nahay-Khaay

Delhi NCR News: नहाय-खाय से पहले दोगुने हुए लौकी के दाम

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 23 Oct 2025 10:20 PM IST
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छठ महापर्व की शुरुआत में बनता है कद्दू-भात का प्रसाद
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संवाद न्यूज एजेंसी


नई दिल्ली। छठ पूजा की तैयारियां जोरों पर हैं और इसके साथ ही मंडियों में लौकी की मांग में जबरदस्त उछाल देखने को मिल रहा है। महापर्व की शुरुआत नहाय-खाय से होती है जिसमें परंपरागत रूप से कद्दू-भात का सेवन किया जाता है। इस कारण लौकी की मांग बढ़ने से इसके दाम दोगुने हो गए है।





दक्षिणी दिल्ली की बदरपुर और ओखला मंडियों में लौकी की कीमतें पिछले कुछ दिनों में लगभग दोगुनी हो चुकी हैं। जहां दिवाली तक लौकी 20 से 25 रुपये किलो बिक रही थी, वहीं अब इसके दाम 40 से 50 रुपये किलो तक पहुंच गए हैं। फुटकर सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि छठ महापर्व से ठीक पहले हर साल लौकी की मांग तेजी से बढ़ जाती है लेकिन इस बार खरीदारों की भीड़ अपेक्षाकृत ज्यादा है। सब्जी विक्रेताओं का कहना है कि दिवाली तक यही लौकी 20 रुपये किलो मिलती थी, लेकिन अब 50 रुपये किलो बिक रही है। यह मांग दो-तीन दिन तक और बनी रहेगी।
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नहाय-खाय के दिन महिलाएं स्नान के बाद लौकी और चने की दाल से बने कद्दू-भात का प्रसाद तैयार करती हैं। माना जाता है कि इस भोजन से शरीर की शुद्धि होती है और यह छठ व्रत की शुरुआत का प्रतीक है। इसी परंपरा के कारण हर साल इस समय लौकी की खपत कई गुना बढ़ जाती है। मंडियों में सिर्फ लौकी ही नहीं, बल्कि चने की दाल, घी, तेल और तुलसी जैसे पूजा-संबंधी वस्तुओं के दामों में भी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। खुदरा बाजारों में खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि छठ की शुरुआत कद्दू-भात से की जाती है ऐसे में महंगी सब्जी खरीदने के लिए मजबूर है।
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वर्जन---
छठ आते ही लौकी की मांग अचानक बढ़ जाती है। दिवाली तक जो लौकी 20 रुपये किलो बिकती थी, अब 50 रुपये किलो तक चली गई है। हर साल यही होता है, नहाय-खाय वाले दिन कद्दू-भात बनाने के लिए लोग खूब खरीदारी करते हैं। अनुमान है कि कीमत और ही बढ़ सकती है। -संतोष, सब्जी विक्रेता


भाव तो बढ़ गए हैं लेकिन छठ का प्रसाद बिना कदू-भात के अधूरा लगता है। ये परंपरा निभाना जरूरी है। इसलिए हम महंगी सब्जी खरीदने को मजबूर हैं। -राहुल, ग्राहक
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