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पंजाब की सियासत ने बढ़ाई दिल्ली में सरगर्मी, कंप्यूटर और 'तोता' पर भी खेला जाएगा दांव

Tue, 05 Jul 2016 01:24 AM IST
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली
राकेश भट्ट/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 05 Jul 2016 01:24 AM IST
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The politics of Punjab in Delhi increased stirring
kejriwal amit shah

पंजाब के आगामी विधानसभा चुनाव में नशा व भ्रष्टाचार बेशक बड़ा मुद्दा हो लेकिन दिल्ली में सरकार चला रही आम आदमी पार्टी की वहां बढ़ी सक्रियता राजधानी में भी सियासी हलचल बढ़ा चुकी है।

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मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव की गिरफ्तारी से भाजपा, कांग्रेस जहां आप पर भ्रष्टाचार के आरोपों के हमले बढ़ाएगी, वहीं आप दिल्ली सरकार को काम न करने देने की केंद्र सरकार की हिटलरशाही पर वोट मांगेंगी। 
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सूत्रों की मानें तो तय रणनीति के अनुसार दिल्ली में बिछाई जा रही बिसातों पर ही पंजाब में सभी दल मोहरे चलते रहेंगे। पंजाब या किसी राज्य के चुनाव में केंद्र सरकार या सियासी दलों के केंद्रीय कार्यालयों से तो जुड़ाव रहता था लेकिन पहली बार दिल्ली प्रदेश की सरकार के कार्यकाल व उससे जुड़े मुद्दे पंजाब चुनाव में भारी होते जा रहे हैं। 

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आप का पंजाब में इन मुद्दों पर होगा जोर

The politics of Punjab in Delhi increased stirring
केजरीवाल - फोटो : अमर उजाला

पंजाब में आम आदमी पार्टी की उपस्थिति को देखते हुए मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव राजेंद्र कुमार की कंप्यूटर लैब स्थापित करने के घोटाले में सीबीआई द्वारा गिरफ्तारी, टैंकर घोटाला,  पूर्व कानून मंत्री जितेंद्र तोमर की फर्जी डिग्री मामला, मंत्री आसिफ को भ्रष्टाचार के मामले में हटाना व परिवहन मंत्री को हटाने सहित कई मुद्दों को पंजाब चुनाव में जनता के बीच उठाने की रणनीति भाजपा व कांग्रेस ने तैयार की है। 

भाजपा की योजना है कि भ्रष्टाचार के मुद्दे पर सरकार में आई आम आदमी पार्टी को भ्रष्टाचार के मुद्दे पर ही पंजाब में घेरकर रोका जाए। कोशिश यह बताने की होगी कि पूर्व कानून मंत्री को फर्जी डिग्री मामले में  सहयोग करने की तरह अब केजरीवाल अपने प्रधान सचिव को सहयोग कर रहे हैं।

इसी प्रकार आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार को तोते (सीबीआई) के जरिये परेशान करने, टैंकर घोटाले में शीला दीक्षित को बचाने, मुख्यमंत्री के अधिकारियों की गिरफ्तारी या तबादले के जरिये काम न करने देने, इन परिस्थितियों में भी बिजली-पानी में छूट सहित किए गए कार्य व केंद्र सरकार में भ्रष्टाचार को मुद्दा बनाएगी। 

दिल्ली में बिछेगी पंजाब के मोहरों की बिसात

The politics of Punjab in Delhi increased stirring
modi kejriwal
ऐसे में जाहिर है कि पंजाब चुनाव में इस बार पंजाब के स्थानीय मुद्दों के अलावा दिल्ली के तोता, टैंकर व कंप्यूटर आदि चुनावी मुद्दा होंगे। स्वयं उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने यह तक कह डाला कि पंजाब में प्रचंड बहुमत की सरकार बनने के सर्वे सामने आने और गोवा व गुजरात में आप को भारी समर्थन मिलने से बौखलाकर मोदी जी की सरकार यह करा रही है।

सूत्रों की मानें तो दिल्ली में पंजाब चुनाव के लिए मुद्दे अभी दिल्ली से पैदा किए जाते रहेंगे। इसमें आरोप-प्रत्यारोप के बीच गिरफ्तारी की प्रक्रिया जारी रहने के साथ ही जुलूस निकालकर गिरफ्तारी देने या पूछताछ के लिए जाने का सिलसिला जारी रहेगा।

यानी घटनाक्रम दिल्ली में होंगे लेकिन पंजाब के चुनावी मंच पर यह उठते रहेंगे।
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