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चुनावों में पढ़ाई जरूरी होने पर पंचों के मंसूबे ध्वस्त
ब्यूरो / अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Wed, 12 Aug 2015 09:54 AM IST
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शिक्षा के मामले में प्रदेश के सभी जिलों से पिछडे़ मेवात में पंचायत चुनावों में आठवीं और दसवीं पास के चुनाव लड़ने के निर्णय ने अनपढ़ों के होश उड़ा दिए हैं।
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पिछले पांच साल से चुनाव लड़ने की मंशा पाले ऐसे लोगों को तगड़ा झटका लगा है। गौरतलब है कि मेवात में पंचायत चुनावों को लेकर पिछले एक महीने से सरगर्मी बढ़ी हुई थी।
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लेकिन मंगलवार को आए फैसले ने चुनाव लड़ने की इच्छा रखने वालों अनपढ़ लोगों की नींद उड़ा दी। उन्हें तो तारीख की घोषणा का इंतजार था लेकिन कुछ और ही सुनने को मिला।
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ऐसे में प्राइमरी और जूनियर स्तर तक पढ़े लोगों की बल्ले-बल्ले हो गई। कुछ लोगों ने सरकार के इस फैसले की जमकर प्रशंसा की तो कुछ लोगों ने इस फैसले का विरोध शुरू कर दिया है।
बता दें कि मेवात शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा जिला माना जाता है। यहां आज तक अनपढ़ सरपंच या पंच ही चुने जाते रहे हैं।
इससे न केवल ग्राम पंचायतों के कार्य प्रभावित रहते थे बल्कि ऐसे भी मामले आए कि सरपंच के अनपढ़ होने के चलते ग्रामीण, विकास की बाट जोहते रहते थे। लेकिन अब सरकार के इस ऐतिहासिक फैसले से लगता है कि गांव भी विकास के पथ पर अग्रसर होंगे।