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नाबालिग की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट करेगा सुनवाई

Mon, 21 Dec 2015 04:49 PM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/ अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Mon, 21 Dec 2015 04:49 PM IST
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The petition against minor release, late-night hearing possible.

निर्भया गैंगरेप मामले में दिल्ली महिला आयोग ने नाबालिग दोषी की रविवार को होने जा रही रिहाई के खिलाफ शनिवार देर रात सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटा दिया।

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स्पेशल लीव पेटिशन के जरिए नाबालिग की रिहाई रोकने की मांग की गई। देर रात सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस ने याचिका मंजूर करते हुए मामला अवकाशकालीन पीठ को रेफर कर दिया, जिसके बाद देर रात फैसला लिया गया कि नाबालिग की रिहाई पर सोमवार को सुप्रीम कोर्ट सुनवाई करेगा।
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दिल्ली महिला आयोग की अध्यक्ष स्वाति मालवाल ने बताया कि इस मामले को सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को होने वाली सुनवाई के लिए लिस्ट कर दिया है, आईटम नंबर तीन के तौर पर मामले को लिस्ट में रखा गया है।
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उन्होंने उम्मीद जताई कि याचिका पर सोमवार को सुनवाई होने तक सरकार और पुलिस नाबालिग दोषी को रिहा नहीं करेंगे क्योंकि मामला अब अदालत विचाराधीन है। लेकिन अदालत ने रिहाई पर कोई रोक नहीं लगाई है।

मामले की सुनवाई आगामी सोमवार को अवकाशकालीन पीठ जस्टिस आदर्श कुमार गोयल व जस्टिस उदय ललित की बैंच करेगी। मालूम हो कि हाईकोर्ट ने नाबालिग दोषी की रिहाई पर रोक लगाने से इनकार कर दिया था।

नाबा‌लिग दोषी को अज्ञात स्‍थान पर भेजा

The petition against minor release, late-night hearing possible.

वहीं, रिहाई की तारीख से एक दिन पहले शनिवार को निर्भया कांड के नाबालिग दोषी को सुधार गृह से दिल्ली से बाहर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया गया है।

उच्च पदस्थ सूत्रों के अनुसार, अब बीस साल के हो चुके इस दोषी की जान को खतरे की आशंका को देखते हुए उसे अज्ञात स्थान पर भेजा गया है और कई एजेंसियां मामले पर नजर रखे हुए हैं। दिल्ली पुलिस की सुरक्षा में इस नाबालिग दोषी को एक एनजीओ की देखरेख में रखा गया है।

बताया जा रहा है कि इस गैंगरेप में दूसरे आरोपियों के वकील एपी सिंह ने नाबालिग दोषी की जान को खतरे के मद्देनजर दिल्ली पुलिस से उसे बदायूं उसके घर तक छोड़कर आने के लिए कहा है।

यही नहीं उसे बदायूं में भी सुरक्षा मिले इसके लिए यूपी के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को भी पत्र लिखा है। रविवार को रिहा हो रहा नाबालिग दोषी बदायूं का ही रहने वाला है।

शनिवार को निर्भया के माता-पिता समेत बड़ी संख्या में युवाओं ने बाल सुधार गृह के सामने उसके रिहाई के विरोध में प्रदर्शन भी किया।

मालूम हो कि १६ दिसंबर २०१२ को चलती बस में इस नाबालिग दोषी सहित छह ने २३ वर्षीय पैरामेडिकल की छात्रा के साथ गैंगरेप किया था और उसकी हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरा देश दहल गया था और देश भर में विरोध प्रदर्शन हुए थे।

दिन भर होता रहा रिहाई का विरोध

The petition against minor release, late-night hearing possible.

दिल को मिलेगी राहत-बद्री सिंह-
ज्योति सिंह के पिता बद्री सिंह ने कहा कि भारत के इतिहास में यह दूसरा मौका होगा कि सुप्रीम कोर्ट रात के वक्त में किसी मामले की सुनवाई करेगा।

शनिवार शाम तक हम निराश थे कि हमारी बेटी ज्योति को न्याय नहीं मिलेगा, बेशक रविवार को नाबालिग छूट जाए, लेकिन दिल में एक राहत रहेगी कि न्यापालिका ने हमारी बेटी को न्याय दिलवाने के लिए सुनवाई करेगा।

रविवार को इंडिया गेट पर शांति मार्च निकालेंगे। देश में ऐसा कानून बने ताकि कोई नाबालिग इस तरह का काम करके छूट ना सके। इस मामले में दिल्ली जूवेनाइट जस्टिस से भी मिले।

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