योगेंद्र यादव ने दी केजरीवाल को खुली चुनौती, शराब पर पूछे तीखे सवाल
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मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के कभी करीबी रहे योगेंद्र यादव ने मंगलवार को केजरीवाल को खुली चिट्ठी लिखी है। यादव ने शराब की नई दुकान खुलवाने के मामले में दिल्ली सरकार पर झूठ बोलने का आरोप लगाते हुए चुनौती दी है कि अगर उनके दावे गलत साबित होते हैं तो सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
यादव ने यह भी कहा है कि अगर दिल्ली सरकार ने 72 घंटों में इसका जवाब नहीं दिया तो स्वराज अभियान का दावा सही माना जाएगा। योगेंद्र यादव ने अपनी चिट्ठी में दिल्ली सरकार पर जनता से झूठ बोलने और गुमराह करने का आरोप लगाया है।
केजरीवाल को संबोधित करते हुए योगेंद्र यादव लिखते हैं, आपकी सरकार का दावा है कि सत्ता में आने के बाद शराब के सिर्फ 6 नए लाइसेंस जारी हुए हैं।
जबकि स्वराज अभियान की अलग-अलग आरटीआई से इनका आंकड़ा 58-217 के बीच जाता है। आपके उपमुख्यमंत्री ने अभियान के दावों को झूठा बताया। योगेंद्र यादव आगे लिखते हैं, आपको पता होगा कि प्रशांत भूषण और उनमें झूठ बोलने की आदत नहीं है।
जानिए क्या हैं योगेंद्र यादव के सवाल
फिर भी, आपकी ओर से उठाए गए सवाल पर आपको और आपकी पूरी सरकार को चुनौती देता हूं कि अभियान के दावे को गलत साबित करके दिखाएं। सत्ता में आने के बाद आपकी सरकार ने 6 नहीं, शराब के 399 नए लाइसेंस दिए हैं।
योगेंद्र यादव ने चिट्ठी के साथ 399 दुकानों/स्टोर/रेस्टोरेंट की लिस्ट भी जारी की है, जिसमें उसका नाम, पता और लाइसेंस का नंबर भी है। योगेंद्र यादव ने चुनौती दी है कि अगर यह लिस्ट गलत है तो वह सार्वजनिक जीवन से संन्यास ले लेंगे।
लेकिन अगर आपकी सरकार ने झूठ बोला है तो इसका फैसला आपकी आत्मा पर छोड़ता हूं। चिट्ठी में शराब की दुकानों से दिल्ली सरकार को मिले राजस्व और नशामुक्त अभियान पर हुए खर्च का ब्योरा भी दिया है।
योगेंद्र के सवाल
-आरटीआई एक्टिविस्टों की यह सरकार शराब की सूचना छुपा क्यों रही है?
-नशामुक्ति के वादे पर बनी इस सरकार ने शराब को बढ़ावा क्यों दिया?
-स्वराज का नाम लेने वाली सरकार ने शराब की दुकान खोलने से पहले आज के कानून के तहत भी जनता की राय क्यों नहीं ली?
-शराब बिक्री से कमाए 3589 करोड़ रुपये में से आपने एक करोड़ भी नशामुक्ति के लिए क्यों नहीं खर्चा?