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Delhi NCR News: छठ महापर्व के दूसरे दिन भी बाजारों में दिखी रौनक
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प्रसाद व पूजा की सामग्री की दुकानों पर रही भीड़, खाजा की हुई रिकॉर्ड बिक्री
संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। छठ महापर्व के दूसरे दिन भी राजधानी के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटे रहे। सदर बाजार, चांदनी चौक, पहाड़गंज नेहरू बाजार, लक्ष्मी नगर, लाजपत नगर और बदरपुर के बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी। दुकानों पर पूजा सामग्री, कपड़े व शृंगार के अलावा सबसे अधिक भीड़ ठेकुआ प्रसाद बनाने के सामान, आटा, सूजी, घी, गुड़ और सांचे की दुकानों पर रही। वहीं. पारंपरिक मिठाई खाजा की बिक्री ने भी इस बार नया रिकॉर्ड बना दिया है।
दुकानदारों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में खाजा की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। चांदनी चौक की मिठाई दुकान के संचालकों ने बताया कि छठ पूजा में खाजा की विशेष परंपरा होती है। लोग इसे प्रसाद के रूप में घर लेकर जाते हैं, इसलिए इसकी मांग दिवाली के बाद भी बनी रहती है। लक्ष्मी नगर और पहाड़गंज के इलाकों में फल, नारियल, सुपारी, सूप-दौरा और केले के टोकरे खरीदने वालों की भी लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, कई जगहों पर अस्थायी दुकानों पर पूजा सामग्री और टोकरी सजावट का सामान भी बिकता नजर आया।
महिलाएं प्रसाद की तैयारी के लिए आवश्यक वस्तुएं जुटाने में व्यस्त रहीं, जबकि पुरुष फल और पूजन सामग्री की खरीदारी संभालते नजर आए। बढ़ती भीड़ और बाजारों में उमड़े श्रद्धालुओं से पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से भर गया। दुकानदारों का कहना है कि छठ पर्व के कारण दिल्ली के बाजारों में न सिर्फ बिक्री बढ़ी है, बल्कि लोगों के बीच एकता और आस्था का माहौल भी दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे संध्या अर्घ्य का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजधानी के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है।
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छठ पूजा हमारे लिए बहुत पवित्र पर्व है। हर साल पूरे परिवार के साथ यहां खरीदारी करने आती हूं। इस बार भीड़ थोड़ी ज्यादा है लेकिन माहौल बहुत अच्छा लग रहा है। ठेकुआ और खाजा के बिना छठ अधूरा लगता है। -मंजू
दिल्ली में रहकर छठ करते दो दशक से ऊपर हो गए हैं, आज भी जोश हर साल की तरह बढ़ता ही जा रहा है। खाजा और गुड़ की मिठाइयां, चीनी के लड्डू, मिट्टी पूरियां ये सब प्रसाद में चढ़ाने की परंपरा है। -रमा देवी
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संवाद न्यूज एजेंसी
नई दिल्ली। छठ महापर्व के दूसरे दिन भी राजधानी के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिली। श्रद्धालु सुबह से ही पूजा सामग्री की खरीदारी में जुटे रहे। सदर बाजार, चांदनी चौक, पहाड़गंज नेहरू बाजार, लक्ष्मी नगर, लाजपत नगर और बदरपुर के बाजारों में लोगों की भीड़ उमड़ी। दुकानों पर पूजा सामग्री, कपड़े व शृंगार के अलावा सबसे अधिक भीड़ ठेकुआ प्रसाद बनाने के सामान, आटा, सूजी, घी, गुड़ और सांचे की दुकानों पर रही। वहीं. पारंपरिक मिठाई खाजा की बिक्री ने भी इस बार नया रिकॉर्ड बना दिया है।
दुकानदारों के मुताबिक, पिछले दो दिनों में खाजा की बिक्री में 40 से 50 प्रतिशत तक का इजाफा हुआ है। चांदनी चौक की मिठाई दुकान के संचालकों ने बताया कि छठ पूजा में खाजा की विशेष परंपरा होती है। लोग इसे प्रसाद के रूप में घर लेकर जाते हैं, इसलिए इसकी मांग दिवाली के बाद भी बनी रहती है। लक्ष्मी नगर और पहाड़गंज के इलाकों में फल, नारियल, सुपारी, सूप-दौरा और केले के टोकरे खरीदने वालों की भी लंबी कतारें देखी गईं। वहीं, कई जगहों पर अस्थायी दुकानों पर पूजा सामग्री और टोकरी सजावट का सामान भी बिकता नजर आया।
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महिलाएं प्रसाद की तैयारी के लिए आवश्यक वस्तुएं जुटाने में व्यस्त रहीं, जबकि पुरुष फल और पूजन सामग्री की खरीदारी संभालते नजर आए। बढ़ती भीड़ और बाजारों में उमड़े श्रद्धालुओं से पूरा माहौल भक्ति और उल्लास से भर गया। दुकानदारों का कहना है कि छठ पर्व के कारण दिल्ली के बाजारों में न सिर्फ बिक्री बढ़ी है, बल्कि लोगों के बीच एकता और आस्था का माहौल भी दिखाई दे रहा है। जैसे-जैसे संध्या अर्घ्य का समय नजदीक आ रहा है, वैसे-वैसे राजधानी के बाजारों में रौनक बढ़ती जा रही है।
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छठ पूजा हमारे लिए बहुत पवित्र पर्व है। हर साल पूरे परिवार के साथ यहां खरीदारी करने आती हूं। इस बार भीड़ थोड़ी ज्यादा है लेकिन माहौल बहुत अच्छा लग रहा है। ठेकुआ और खाजा के बिना छठ अधूरा लगता है। -मंजू
दिल्ली में रहकर छठ करते दो दशक से ऊपर हो गए हैं, आज भी जोश हर साल की तरह बढ़ता ही जा रहा है। खाजा और गुड़ की मिठाइयां, चीनी के लड्डू, मिट्टी पूरियां ये सब प्रसाद में चढ़ाने की परंपरा है। -रमा देवी