अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी पर मची अफरा-तफरी
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सूचना मिलने पर पुलिस ने अस्पताल परिसर का सघन निरीक्षण किया। डॉग स्क्वायड टीम ने भी अस्पताल परिसर खंगाला। अस्पताल के बाउंसरों ने मीडियाकर्मियों को अंदर नहीं घुसने दिया और प्रबंधन ने भी कुछ बताने से इनकार किया।
पुलिस के मुताबिक एशियन अस्पताल के सिक्योरिटी विभाग ने फोन कर धमकी दिए जाने की सूचना दी थी। अस्पताल के हेल्पलाइन नंबर पर दोपहर सवा बारह बजे के करीब किसी ने कॉल कर पांच लाख रुपये देने अथवा अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी दी।
फोन करने वाले ने अपना नाम सलीम बताया। कॉल रिसीव करने वाले ऑपरेटर आषीश पंवार ने यह जानकारी प्रबंधन और सिक्योरिटी को दी। सूचना पर डीसीपी एनआईटी पूर्णचंद पंवार पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे।
घटना की जानकारी लेने के साथ ही उन्होंने अस्पताल परिसर का निरीक्षण किया और सघन तलाशी के आदेश दिए। डॉग स्क्वायड ने परिसर का निरक्षण किया तो कमांडो और क्राइम ब्रांच की टीम ने पूछताछ और जांच शुरू कर दी।
इस दौरान जानकारी हासिल करने पहुंचे मीडियाकर्मियों के साथ अस्पताल के बाउंसरों ने अभद्रता की और उन्हें कवरेज करने से रोका। अस्पताल प्रबंधन भी किसी से मिलने को तैयार नहीं हुआ।
करीब साढ़े तीन घंटे की जांच के बाद पुलिस ने अस्पताल में सबकुछ सामान्य पाया। प्रबंधन की शिकायत पर केस एनआईटी थाने में अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। एसएचओ एनआईटी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है।
मीडिया को भटकाता रहा अस्पताल प्रबंधन
अस्पताल को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना को प्रबंधन छिपाता रहा। अस्पताल पीआरओ ईशा वर्मा ने इसे नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) की ओर से कराई गई मॉक ड्रिल करार दिया तो मेडिकल सुपरिंटेंडेंट डॉ. हिलाल अहमद ने कुछ भी बताने से इनकार किया। अन्य कर्मचारियों ने तो कुछ कहने से ही इनकार कर दिया। यहां तक कि मीडियाकर्मियों को कवरेज करने से भी रोका गया।