अस्पताल में नहीं थी बिजली और इनवर्टर तो चौकीदार की टॉर्च से कर दी डिलीवरी
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इसकी एक बानगर फर्रूखनगर स्थित स्वास्थ्य केंद्र में दिखी, जहां चौकीदार के टॉर्च की रोशनी में डिलीवरी की गई। इसे संबंध में सीएम विंडो में शिकायत दी गई है। जिसके बाद अब सिविल सर्जन कार्यालय ने जांच शुरू कर दी।
मामला 16 जून की रात का है। फर्रूखनगर के जोनियावास निवासी चांद सिंह अपनी पुत्रवधु शालू को प्रसव पीड़ा होने पर स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र पर ले गए। वहां बिजली नहीं थी और इनवर्टर भी नहीं था।
डिलीवरी कराने के समय वहां मौजूद स्टाफ नर्स और डॉक्टर को कुछ समझ में नहीं आया। अचानक चौकीदार से लाइट का इंतजाम कराने को कहा गया, तो उसने अपनी टॉर्च दे दी।
सीएम विंडो पहुंचा डिलीवरी मामला
इसके बाद टॉर्च की रोशनी में शालू ने देर रात 3:22 बजे बच्चे को जन्म दिया। स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारी इस मामले को दबाने में जुटे रहे। शालू के पति सूरज यादव पेशे से वकील हैं।
उन्होंने इस बाबत सीएम विंडो में शिकायत दी, जिसके बाद सिविल सर्जन डॉ. रमेश धनखड़ ने जांच शुरू करवाई। सूरज का कहना है कि स्वास्थ्य केंद्र में पानी-बिजली जैसी बुनियादी सुविधा ही नहीं है, तो यहां आने वाले मरीजों का इलाज कैसे मुमकिन होगा।
टॉर्च की रोशनी में प्रसव के दौरान अगर कोई अनहोनी हो जाती तो इसके लिए कौन जिम्मेदार होता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यहां इस तरह की घटना पहले भी हो चुकी है।