राजधानी में डेगू से मौत पर सरकार ने दिया जवाब, बताया चिकनगुनिया का भी सच
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दिल्ली सरकार ने माना कि राजधानी में डेंगू से चार मरीजों की मौत हुई है लेकिन 10 सितंबर के बाद किसी की भी मौत नहीं हुई है। इतना ही नहीं चिकनगुनिया से अभी तक कोई मौत नहीं हुई है।
दिल्ली सरकार ने हाईकोर्ट को यह जानकारी देते हुए बताया कि डेंगू व चिकनगुनिया की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। न्यायमूर्ति जी.रोहिणी व न्यायमूर्ति संगीता ढींगरा की खंडपीठ के समक्ष दिल्ली सरकार ने पेश रिपोर्ट में बताया कि इस साल 10 सितंबर तक डेंगू के 1158 मामले सामने आए हैं, जबकि चिकनगुनिया के 1057 मामले।
अदालत ने रिपोर्ट पर संतुष्टि जताते हुए इस मामले में याची को निर्देश दिया कि वे यदि कोई सुझाव पेश करना चाहते हैं तो 20 सितंबर तक दे सकते हैं। दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य विभाग ने पेश रिपोर्ट में कहा कि मानसून के बाद एडीज मच्छरों की ब्रीडिंग शुरू हो जाती है और इस साल भी मानसून के बाद डेंगू और चिकनगुनिया के मच्छर पनपे हैं।
दिल्ली सरकार के अधिवक्ता ने कहा कि सरकार ने इससे निपटने के लिए मार्च से ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। उन्होंने दावा किया कि इस वर्ष ज्यादा बारिश होने के बावजूद डेंगू के मामलों में कमी आई है।
'बीमारियों की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए गए हैं'
उन्होंने कहा कि आम लोगों की सुविधा के ध्यानार्थ डेंगू और चिकनगुनिया टेस्ट के लिए रेट तय कर दिए गए हैं। डेंगू और चिकनगुनिया के एलिजा टेस्ट के लिए 600 रुपये रेट तय किए गए हैं।
प्राइवेट लैब के लिए भी यह निर्देश जारी किया गया है कि रेट के हिसाब से ही टेस्ट हो। साथ ही चिकनगुनिया के आरटी पीसीआर टेस्ट के लिए 1500 रुपये रेट तय किए गए हैं। उन्होंने अदालत को बताया कि डेंगू की स्थिति का आकलन करने के लिए टास्क फोर्स बनाया गया है।
इतना ही नहीं सरकार ने दिल्ली के तमाम सरकारी अस्पतालों में फीवर क्लीनिक की शुरुआत की है। सभी 26 सरकारी अस्पतालों में 24 घंटे फीवर क्लीनिक चलाए जा रहे हैं। साथ ही तमाम सरकारी डिस्पेंसरियों में सुबह 8 से दोपहर 4 बजे तक क्लीनिक चलाए जा रहे हैं।
साथ ही मोहल्ला क्लिनिक में भी इलाज चल रहा है। अस्पतालों को बेड की संख्या बढ़ाने के लिए कहा गया है। इसके अलावा डेंगू और चिकनगुनिया के बारे में जागरूकता के लिए रेडियो और अखबारों में विज्ञापन दिया जा रहा है साथ ही जगह-जगह होर्डिंग लगाए गए हैं।