‘बिरयानी के बहाने सांप्रदायिक तनाव का माहौल तैयार कर रही सरकार’
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भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) ने बिरयानी मामले पर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया है। उसका आरोप है कि भाजपा सरकार क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव का वातावरण तैयार करने की कोशिश कर रही है।
बिरयानी के नमूने भरने और उसकी जांच पर सीपीआईएम ने कड़ा एतराज जताया है। उसका कहना है कि ऐसी गतिविधियों पर तुरंत रोक लगाने की पार्टी ने सरकार से मांग की है।
सीपीआईएम के राज्य सचिव सुरेन्द्र सिंह ने मीडिया को जारी अपने बयान में कहा कि भाजपा सरकार गो संरक्षण की बजाय इस कानून के नाम पर किसी समुदाय विशेष को निशाना बना रही है।
'यह देश की जनतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है'
इससे समाज में भाईचारे का वातावरण खराब हो रहा है। सिंह ने कहा कि जिस समय प्रदेश सरकार गो-संरक्षण एवं संवर्धन कानून बना रही थी तभी सीपीआईएम ने कहा था कि भाजपा इसके माध्यम से अपनी सांप्रदायिक मुहिम को आगे बढ़ाने में इसका दुरुपयोग करेगी।
सीपीआईएम ने कहा कि मेव समाज के लोगों की दुकानों व ढाबों की जांच उचित नहीं है। पार्टी ने कहा कि मेवात के लोग भी प्रदेश की बाकी जनता की तरह ही बैल से खेती करते आए हैं।
वह भी गो पालक समाज रहा है। सभी समुदायों में शाकाहारी और मांसाहारी लोग मिलते हैं। मगर यह बेहद चिंता की बात है कि आरएसएस और भाजपा नागरिकों के खानपान तक के मसलों को भी राजनीतिक हथियार के तौर पर इस्तेमाल कर रही है।
यह देश की जनतांत्रिक व्यवस्था पर हमला है। सीपीआईएम नेता ने कहा कि भाजपा-आरएसएस को गऊ से कोई लगाव नहीं है। इसके माध्यम से वह अपने एजेंडे को आगे बढ़ाने का प्रयास कर रही है।