एलओसी व्यापार नीति के उल्लंघन पर केंद्र सरकार तलब
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हाईकोर्ट ने भारत और पाकिस्तान के बीच नियंत्रण रेखा (एलओसी) व्यापार नीति के उल्लंघन पर तत्काल अंकुश लगाने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय किया है।
मुख्य न्यायाधीश जी रोहिणी और न्यायमूर्ति जयंत नाथ की खंडपीठ ने केंद्र सरकार को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर चार सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 4 अप्रैल को होगी। याचिका में अदालत से केंद्र को निर्देश देकर यह सुनिश्चित कराने की मांग की गई है कि बादाम जैसी वस्तुओं का अवैध तरीके से आयात न हो।
एसोसिएशन ऑफ एग्रो इंपोर्टर्स और इंडो फॉरेन चैंबर ऑफ कॉमर्स ने खंडपीठ के समक्ष याचिका दायर कर एकल जज के अक्तूबर 2015 के निर्णय के खिलाफ अपील की है।
सरकार को मिलने वाले टैक्स की हो रही चोरी?
एकल जज ने एलओसी व्यापार नीति के क्रियान्वयन के लिए आवश्यक कदम उठाने का संबद्ध प्राधिकारों को निर्देश देने की याचिका खारिज कर दी थी।
याची ने आरोप लगाया कि एलओसी का व्यापार के लिए दुरुपयोग किया जा रहा है। पाकिस्तान व भारत के बीच व्यापार नीति तय है और सामान तय नीतियों से आ जा रहा है।
बावजूद इसके पाकिस्तान से बादाम एलओसी व्यापार नीति का उल्लंघन कर आ रहा है। इससे बादाम के ईमानदार दुकानदार प्रभावित हो रहे हैं।
कर के जरिये सरकार को मिलने वाले टैक्स की चोरी भी हो रही है। ऐसे में सरकार को इस प्रकार के व्यापार पर प्रतिबंध लगाकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया जाए।