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प्रदेश सरकार ने अपनाया मिड डे मील मोबाइल ऐप
ब्यूरो/अमर उजाला, गुड़गांव
Updated Sun, 14 Feb 2016 03:13 AM IST
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अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जिमी कार्टर के गांव कार्टरपुरी के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में नौवीं के छात्र इंद्रजीत कुमार, शिवा मिश्रा, बलराम बघेल और अमित मौर्या द्वारा तैयार मिड डे मील मोबाइल ऐप को अब हरियाणा सरकार ने अपना लिया है।
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इस ऐप पर मिड डे मील से जुड़ी सभी जानकारी मौजूद होगी। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी शिक्षा अधिकारियों को इस ऐप के उपयोग संबंधी पत्र भेजा है। जिसमें निर्देश दिया है कि मिड डे मील का कार्य इस ऐप के माध्यम से किया जाए।
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मिड डे मील मोबाइल ऐप द्वारा रिकार्ड रखने संबंधी सभी कार्य किया जा सकता है। निदेशक मौलिक शिक्षा हरियाणा ने से इस बावत प्रदेश के सभी जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, खंड शिक्षा अधिकारी और खंड मौलिक शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखा है। वह अपने अधीनस्थ स्कूलों में निर्देश जारी करें जिससे स्कूल मुखिया व मिड डे मील प्रभारी अध्यापक गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड करके काम शुरू कर दें। यह मोबाइल ऐप नि:शुल्क है।
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इस मोबाइल ऐप से एक शिक्षक अपने जीवन के मूल्यावान 264 घंटे बचा सकता है। एससीईआरटी (राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद) में कुछ दिन पहले आयोजित राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में छात्रों के इस ऐप को इनोवेटिव आइडिया के लिए शिक्षा मंत्री रामबिलास शर्मा ने पुरस्कृत भी किया था।
प्रदेश के स्कूलों में शिक्षा प्रोत्साहन के लिए मिड डे मील दिया जाता है। इसके लिए एक शिक्षक की ड्यूटी रजिस्टर सहित अन्य खर्च मेंटेन करने में लगाई जाती है। जिसमें औसतन एक घंटा समय लगता है। प्रदेश के 14,554 स्कूलों में यह कार्य महीने में 22 दिन चलता है। जिसकी वजह से साल भर में 264 घंटे खर्च हो जाते हैं। जबकि इस ऐप की मदद से महज पांच से 10 मिनट में पूरा काम हो जाता है और इसका रिकॉर्ड स्कूल से मुख्यालय तक पहुंच जाता है।
राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कार्टरपुरी के छात्रों इंद्रजीत कुमार, शिवा मिश्रा, बलराम बघेल और अमित मौर्या ने मिड डे मील मोबाइल ऐप तीन माह की मेहनत के बाद तैयार किया है। यह ऐप छात्रों ने शिक्षक मनोज लाकड़ा और लर्न लिंक्स फाउंडेशन के रिसोर्स पर्सन फूल कुमार की देखरेख में तैयार किया है। शिक्षक मनोज लाकड़ा का कहना है कि छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क के तहत काम करना था। जिसमें इन्होंने ऐप बनाने का निर्णय लिया। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा इसे अपनाना काफी उत्साहित करने वाला है।
मिड डे मील में मोबाइल ऐप सेवा लागू करने के लिए सरकार ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों से उनके अधीन स्कूलों के मिड डे मील इंचार्ज और मुख्य अध्यापक के मोबाइल नंबर और स्कूल कोड का ब्यौरा मांगा है। यह सूची जल्द से जल्द शिक्षा निदेशायल को भेजने का अधिकारियों को निर्देश दिया गया है।