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फरीदाबाद नगर निगम में चल रहा फर्जी बिलों का खेल

Fri, 13 Dec 2019 12:01 PM IST
Trainee Trainee न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, फरीदाबाद Published by: Trainee Trainee Updated Fri, 13 Dec 2019 12:01 PM IST
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The game of fake bills running in Faridabad Municipal Corporation
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला

फरीदाबाद के नगर निगम में फर्जी बिलों का खेल चल रहा है। रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार नगर निगम के मीटर रीडर शिवदत्त की अलमारी से विजिलेंस टीम ने फर्जी बिल बुक बरामद की है। पूछताछ में उसने बताया कि वह लोगों को पानी के फर्जी बिल भेजता था और बाद में सेटिंग कर बिल ठीक करने के नाम पर वसूली करता था। पुलिस ने शिवदत्त के खिलाफ दर्ज भ्रष्टाचार के मामले में धोखाधड़ी की धारा भी जोड़ दी है। रिमांड समाप्त होने पर गुरुवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

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एनआईटी निवासी कारोबारी अरुण जैन की शिकायत पर सोमवार को विजिलेंस टीम ने नगर निगम में पानी के मीटर की रीडिंग लेने वाले कर्मचारी शिवदत्त को 22 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया था। शिवदत्त अरुण जैन से पानी का बिल ठीक करने की एवज में 30 हजार रुपये मांग रहा था। इसमें से आठ हजार रुपये अरुण पहले दे चुके थे और बाकी 22 हजार रुपये सोमवार को देने थे। शिवदत्त को गिरफ्तार करने के बाद विजिलेंस टीम ने मंगलवार को नगर निगम से कुछ रिकॉर्ड भी अपने कब्जे में लिया था।
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कार्यालय में ही छुपा रखी थी फर्जी बिल बुक
विजिलेंस टीम के जांच अधिकारी उपनिरीक्षक त्रिभुवन शर्मा ने बताया कि जांच के दौरान पुलिस को शिवदत्त के पास से फर्जी बिल बुक मिली, जोकि उसने निगम कार्यालय में ही अपनी अलमारी में रखी हुई थी। पूछताछ में उसने बताया कि वह लोगों को पानी के भारी भरकम फर्जी बिल भेजता था। उसे ठीक करवाने की एवज में लोग जब आते हैं तो वह उनसे सेटिंग कर उसके सही बिल की पर्ची काटकर रजिस्टर में दर्ज कर देता था। ऐसे में इसकी किसी को भनक भी नहीं लगती थी और उसका काम भी हो जाता था। पुलिस ने फर्जी बिल बुक बरामद कर उसके खिलाफ दर्ज मामले में धोखाधड़ी की धाराएं भी जोड़ दी हैं। गुरुवार को पुलिस ने उसे अदालत में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
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कई कर्मचारी विजिलेंस के निशाने पर
रिमांड के दौरान आरोपी शिवदत्त ने पुलिस के समक्ष कई खुलासे किए हैं। हालांकि पुलिस अभी उस बारे में बताने से बच रही है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है। आरोपी शिवदत्त ने कई लोगों के नाम लिए हैं, उनकी भी जांच की जा रही है। निगम से कई रिकार्ड लेने हैं। नगर निगम में फर्जी बिलों का बहुत बड़ा रैकेट चल रहा है।


ऐसे होता है सारा खेल
आरोपी शिवदत्त ने विजिलेंस टीम को बताया कि फील्ड में जाने के दौरान वे लोग चिन्हित कर लेते हैं कि किस कारोबारी के यहां कोई गड़बड़ी है और फिर उसके यहां फर्जी बिल भेजा जाता है। कारोबारी का जो असल बिल होता है, उससे कई गुना बढ़ाकर बिल भेजा जाता है। फिर जब वह निगम में बिल ठीक करवाने आता हैं तो उन्हें चार-पांच चक्कर कटवा कर सेटिंग की जाती है ताकि किसी को शक न हो। उसका जो असल बिल होता है, उस राशि की रसीद काटकर रजिस्टर में चढ़ा दिया जाता है और बाकी राशि जेब में रख ली जाती है।  

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