दादरी कांड की मैजिस्ट्रेट जांच में संदेह में घिरी पुलिस
बिसाहड़ा में 28 सितंबर को इकलाख की हत्या के दूसरे एनटीपीसी पुलिस चौकी पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस और ग्रामीणों में हुए संघर्ष के मामले में शुरू हुई मजिस्ट्रेट जांच में कई लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं।
इसमें पुलिस के खिलाफ कुछ साक्ष्य सामने आए हैं। बिसाहड़ा गांव में इकलाख की हत्या में दस युवकों के साथ करीब 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ जारचा थाने में रिपोर्ट दर्ज होने से नाराज लोगों ने एनटीपीसी पुलिस चौकी पर प्रदर्शन किया था।
प्रदर्शन के दौरान पथराव, तोड़फोड़ और लाठीचार्ज हुई थी। वहीं फायरिंग होने पर राहुल यादव की गोली लगी थी। इसमें लोगों का कहना था कि राहुल को पुलिस की गोली लगी है जबकि पुलिस ने गोली चलाने से ही इनकार किया था।
जरूरत पड़ी तो बढ़ेगा बयान का समय
उग्र भीड़ की मांगों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी एनपी सिंह ने मामले की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए। जांच की जिम्मेदारी अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) राजेश यादव को सौंपी गई थी।
उन्होंने लोगों को 15 अक्तूबर तक अपना बयान देने का समय दिया था। अपर जिलाधिकारी राजेश यादव ने बताया कि मामले में कई साक्ष्य सामने आए हैं।
ऊंचा अमीर पुर के प्रधान समेत कई लोगों ने अपने बयान दर्ज कराए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो बयान लेने के समय को बढ़ाया जाएगा क्योंकि इस मामले में पुलिस की भूमिका सहीं नहीं रही है।