{"_id":"5f81a863887c8d2b7378c38b","slug":"the-driver-who-delivered-more-than-200-corona-corpse-cremations-became-a-victim-of-corona-himself","type":"story","status":"publish","title_hn":"200 से ज्यादा कोरोना शव श्मशान पहुंचाने वाला ड्राइवर हुआ खुद कोरोना का शिकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
200 से ज्यादा कोरोना शव श्मशान पहुंचाने वाला ड्राइवर हुआ खुद कोरोना का शिकार
Sat, 10 Oct 2020 05:56 PM IST
Harendra Chaudhary
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
डिजिटल ब्यूरो, अमर उजाला, नई दिल्ली
Published by: Harendra Chaudhary
Updated Sat, 10 Oct 2020 05:56 PM IST
सार
- वेलकम इलाके के रहने वाले आरिफ खान खुद नहीं जीत सके कोरोना से जंग
- परिवार में पांच बच्चे और पत्नी हुए अनाथ, सरकार से मदद की उम्मीद
विज्ञापन
Jitender Singh Shunty, founder of Shaheed Bhagat Singh Seva Dal
- फोटो : ANI (File)
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोरोना संक्रमण से मृत लोगों के शवों को उनके परिवार वालों तक या श्मशान घाट तक पहुंचाना आरिफ खान का काम था। वे बीमार, संक्रमित लोगों को अस्पताल तक पहुंचाने का काम निःशुल्क किया करते थे। वे अब तक सैकड़ों कोरोना संक्रमित लोगों को अस्पताल या श्मशान तक पहुंचा चुके थे। लेकिन आज वे खुद कोरोना का शिकार हो गए। उनके इलाज की पूरी कोशिश की गई, लेकिन डॉक्टर उन्हें नहीं बचा सके।
शहीद भगत सिंह सेवा दल के संचालक जितेंदर सिंह शंटी ने अमर उजाला को बताया कि आरिफ खान 1995 से ही शहीद भगत सिंह सेवा दल का वाहन चला रहे थे। कुछ दिन पहले उन्हें कोरोना संक्रमण होने की आशंका हुई थी। उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया था जहां उनका इलाज किया गया था। शुक्रवार शाम को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। उनका ऑक्सीजन स्तर 70 के करीब आ गया था। इसके बाद उन्हें बाड़ा हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया। आज शनिवार सुबह उनका देहावसान हो गया।
48 साल के आरिफ खान पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बच्चे हैं। सेवा दल का कहना है कि उनका परिवार किराए के मकान में रहता है और अब परिवार के पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। वे अपने स्तर पर परिवार की मदद तो करेंगे ही, दिल्ली सरकार से भी आरिफ खान के परिवार को सहयोग दिलाने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहीद भगत सिंह सेवा दल के संचालक जितेंदर सिंह शंटी ने अमर उजाला को बताया कि आरिफ खान 1995 से ही शहीद भगत सिंह सेवा दल का वाहन चला रहे थे। कुछ दिन पहले उन्हें कोरोना संक्रमण होने की आशंका हुई थी। उन्हें जीटीबी अस्पताल ले जाया गया था जहां उनका इलाज किया गया था। शुक्रवार शाम को उनकी तबियत ज्यादा खराब हो गई। उनका ऑक्सीजन स्तर 70 के करीब आ गया था। इसके बाद उन्हें बाड़ा हिंदू राव अस्पताल ले जाया गया। आज शनिवार सुबह उनका देहावसान हो गया।
विज्ञापन
48 साल के आरिफ खान पूर्वी दिल्ली के वेलकम इलाके में रहते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा पांच बच्चे हैं। सेवा दल का कहना है कि उनका परिवार किराए के मकान में रहता है और अब परिवार के पास आय का कोई साधन नहीं बचा है। वे अपने स्तर पर परिवार की मदद तो करेंगे ही, दिल्ली सरकार से भी आरिफ खान के परिवार को सहयोग दिलाने का प्रयास करेंगे।
विज्ञापन