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आदेश पढ़ने के बाद विभाग करेगा कार्रवाई, सड़कों से हटेंगे 1.18 लाख से ज्यादा डीजल वाहन

Tue, 19 Jul 2016 08:59 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली
ब्यूरो/अमर उजाला, नई दिल्ली Updated Tue, 19 Jul 2016 08:59 AM IST
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 The department will take action after reading the order,
वाहन

एनजीटी के आदेश से दस साल पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी लगने के बाद राजधानी के 1.18 लाख से ज्यादा वाहनों पर इसका असर पड़ेगा। राजधानी में कुल 6 लाख से ज्यादा डीजल वाहन रजिस्टर्ड हैं, जिसमें 86 हजार व्यावसायिक डीजल वाहन भी शामिल हैं।

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एनजीटी के आदेश पर परिवहन विभाग ने कहा है कि वह आदेश का अध्ययन करने के बाद इस पर कार्रवाई शुरू करेंगे। दिल्ली में पेट्रोल से चलने वाले वाहनों को 15 साल और डीजल से चलने वाले वाहनों को 10 साल तक चलने की मंजूरी है।
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राजधानी में रजिस्टर्ड कुल 84 लाख से ज्यादा वाहनों में से दोनों कैटेगरी (पेट्रोल व डीजल) में अपनी आयु सीमा पूरी कर चुके 29 लाख वाहन हैं। इसमें करीब 19 लाख पेट्रोल चालित दुपहिया वाहन, 09 लाख पेट्रोल कार और 1.18 लाख डीजल कार व कॉमर्शियल वाहन शामिल हैं। हालांकि परिवहन विभाग ने कहा कि वाहनों की उम्र पूरी होने से पहले कोई एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) चाहता है तो उसे दी जाती है।

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निजी वाहन मालिकों पर होगा ज्यादा असर

 The department will take action after reading the order,
डीजल वाहन

परिवहन अधिकारियों का कहना है कि बीते साल अप्रैल 2015 में जब एनजीटी ने दस साल पुराने डीजल वाहनों पर पाबंदी लगाई थी तब से दस साल के बाद रि-रजिस्ट्रेशन रोक दिया गया है।

अब सरकार ने दस साल पूरा होने पर इसे डी- रजिस्टर करने का आदेश दिया है। दिल्ली सरकार के प्रवक्ता नागेंद्र शर्मा ने बताया कि आदेश की कॉपी नहीं मिली है। आदेश की कॉपी का विस्तृत अध्ययन करने के बाद आगे की कार्ययोजना तैयार कर कार्रवाई की जाएगी। 

निजी वाहन मालिकों पर ज्यादा असर
दिल्ली में छह लाख डीजल वाहनों में से महज 86 हजार ही कॉमर्शियल वाहन हैं। इसमें डीएल वन वाई व डीएल वन एन (टैक्सी परमिट) की संख्या 40,000 हजार है जो कि टैक्सी की कैटेगरी में आते हैं। टैक्सी की पहले से ही दस साल की लाइफ होती है। ऐसे में सबसे ज्यादा मार निजी वाहन मालिकों पर पड़ेगी।

फैक्ट फाइल
-84  लाख से ज्यादा वाहन दिल्ली में रजिस्टर्ड। 
-6.0 लाख डीजल से चलने वाहन दिल्ली में । 
-5.3 लाख निजी कार चालक डीजल वाहन चलाते हैं। 
-86  हजार डीजल से चलने वाले कॉमर्शियल वाहन हैं।
-1.18 लाख डीजल वाहन दस साल पुराने हैं।  

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