'जिस दिन लगेगा कि आम आदमी की सेवा नहीं कर पा रहा हूं तो संन्यास ले लूंगा'
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दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पत्रकारिता कोई व्यवसाय या नौकरी नहीं है। बल्कि यह छात्रों के लिए एक मौका है, जिससे सच व झूठ को समाज के सामने ला सकते हैं।
पत्रकारिता बदमाशों और भ्रष्टाचारियों के चेहरे को बेनकाब करना का माध्यम है। वे शुक्रवार को एमिटी स्कूल ऑफ कम्युनिकेशन के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में बोल रहे थे।
इससे पूर्व एमिटी ग्रुप के संस्थापक अशोक चौहान और कर्नल आरके डार्गन ने गुलदस्ता देकर स्वागत किया। सिसोदिया ने कहा कि वह स्वयं भी एक पत्रकार रहे हैं और जब तक उन्हें लगा कि वह समाज और आम आदमी का भला कर पा रहे हैं तब तक उन्होंने पत्रकारिता की।
उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें लगेगा कि वह आम आदमी की सेवा नहीं कर पा रहे हैं या उनको न्याय नहीं दिला पा रहे हैं तो उस दिन राजनीति से भी संन्यास ले लूंगा।
धूप व गर्मी देती है पत्रकार को कलम की धार
उन्होंने प्रेरित करते हुए कहा कि छात्र प्रश्न करना सीखेंगे तो आगे बढ़ेंगे। यदि समझ में न आए तो कई बार सवाल पूछकर अपने सवालों के जवाब लें। युवा वर्ग पत्रकारिता एयर कंडीशन के ऑफिसों में बैठकर न करें। बल्कि धूप व गर्मी में बाहर जाकर आम जनता के बीच जाएं और उनके दुख व दर्द को समझकर ही आवाज उठाएं।
हर दिन मिलता है असली अनुभव
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि भारत के पूर्वजों ने जीरो का आविष्कार किया था और आज तक उसी बात को लिए हुए हैं, लेकिन आगे नहीं बढ़ पाए हैं। इसमें सबसे अहम बात यह है कि जो लोग समाज को आगे ले जाने और ईमानदारी से काम करने वाले हैं, उनको हमेशा प्रोत्साहित करना चाहिए। इससे समाज और देश का विकास होगा।
पत्रकारिता का ज्ञान शिक्षकों से मिलता है, लेकिन असली अनुभव पत्रकार को हर दिन मिलता है। उन्होंने कहा कि आज पत्रकारिता भी तकनीक से अछूता नहीं है बल्कि जिस तरह तकनीक ने सभी क्षेत्रों में अपनी पकड़ बनाई है उसी तरह आज पत्रकारिता का क्षेत्र भी तकनीक से ओत-प्रोत हो गया है। उन्होंने एमिटी का दौरा किया और लाइब्रेरी समेत कई अन्य विभागों में जाकर निरीक्षण भी किया।