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Delhi NCR News: एयरपोर्ट से लापता हुए दो कुत्तों पर कोर्ट ने ज्वाइंट सीपी से मांगी स्टेटस रिपोर्ट
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गायब हुए दो कुत्तों कद्दू और ब्राउनी के मामले में पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणव जोशी ने दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लापरवाह बताते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रांसपोर्ट रेंज) को दोनों घटनाओं की नए सिरे से विस्तृत जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने यह जानने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया कि दोनों कुत्ते जीवित हैं या नहीं और उन्हें कहां ले जाया गया। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए समग्र जांच नहीं की। कोर्ट के समक्ष पेश स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि टर्मिनल-3 के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति एक कुत्ते को बहलाकर वाहन में ले जाता दिखाई दिया है। हालांकि, पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी है कि कुत्तों को आखिर कहां ले जाया गया और उनकी स्थिति क्या है। अदालत ने पहले टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 की दोनों घटनाओं को जोड़कर एक साथ समग्र जांच करने तथा दोनों जगहों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने इन आदेशों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने यह भी पाया कि जांच अधिकारी ने संबंधित एजेंसियों, ठेकेदारों या सुरक्षा कर्मियों से सख्त पूछताछ करने की बजाय शिकायतकर्ताओं को ही छह पन्नों का प्रश्नावली थमा दी और उनके ‘फीडर’ (कुत्तों को खिलाने वाले) होने तक पर सवाल उठाए।
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नई दिल्ली। इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से गायब हुए दो कुत्तों कद्दू और ब्राउनी के मामले में पटियाला हाउस स्थित अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रणव जोशी ने दिल्ली पुलिस की जांच पर गंभीर सवाल उठाए हैं। अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली को लापरवाह बताते हुए संयुक्त पुलिस आयुक्त (ट्रांसपोर्ट रेंज) को दोनों घटनाओं की नए सिरे से विस्तृत जांच कर रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 11 मई को होगी।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि डेढ़ महीने बीत जाने के बावजूद पुलिस ने यह जानने का कोई गंभीर प्रयास नहीं किया कि दोनों कुत्ते जीवित हैं या नहीं और उन्हें कहां ले जाया गया। कोर्ट ने कहा कि वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को समझते हुए समग्र जांच नहीं की। कोर्ट के समक्ष पेश स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि टर्मिनल-3 के सीसीटीवी फुटेज में एक व्यक्ति एक कुत्ते को बहलाकर वाहन में ले जाता दिखाई दिया है। हालांकि, पुलिस अब तक यह पता नहीं लगा सकी है कि कुत्तों को आखिर कहां ले जाया गया और उनकी स्थिति क्या है। अदालत ने पहले टर्मिनल-1 और टर्मिनल-3 की दोनों घटनाओं को जोड़कर एक साथ समग्र जांच करने तथा दोनों जगहों के सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने के निर्देश दिए थे, लेकिन पुलिस ने इन आदेशों का पालन नहीं किया। कोर्ट ने यह भी पाया कि जांच अधिकारी ने संबंधित एजेंसियों, ठेकेदारों या सुरक्षा कर्मियों से सख्त पूछताछ करने की बजाय शिकायतकर्ताओं को ही छह पन्नों का प्रश्नावली थमा दी और उनके ‘फीडर’ (कुत्तों को खिलाने वाले) होने तक पर सवाल उठाए।
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