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दिल्ली विधानसभा चुनावः हुक्के के धुएं के साथ हवा में उड़ता गया जातिगत समीकरण
Sun, 09 Feb 2020 05:23 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Sun, 09 Feb 2020 05:23 AM IST
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हुक्के का कश लगाते बुजुर्ग और युवा, तो घूंघट में घरों से निकली महिलाएं। विधानसभा चुनाव में ग्रामीण इलाकों में न जाति और न धर्म, केवल विकास के नाम पर मतदान हुआ। शनिवार सुबह से ही सड़कों पर निकले मतदाताओं में खूब उत्साह दिखा। शुरुआती दो घंटे में मतदान की प्रतिशतता 15 फीसदी के करीब रही, तो एक बजे यह आंकड़ा 35-40 फीसदी तक पहुंच गया।
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जैसे-जैसे धूप खिलती गई तो सड़कों पर हर तरफ मतदाता दिखने लगे और यही सिलसिला दोपहर बाद तक चलता रहा। पश्चिमी दिल्ली लोकसभा क्षेत्र के नजफगढ़ के ग्रामीण क्षेत्रों में खास बात यह रही कि नजफगढ़ में मतदाताओं का जत्था निकल रहा था।
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युवाओं और बुजुर्गों ने खूब लगाए कश
गांव मित्राऊं के युवाओं ने कहा कि उन्होंने सुबह सबसे पहले एक ही पार्टी को वोट किया है, क्योंकि उन्हें विकास और नौकरी चाहिए। हुक्के की कश के बीच सीएए-एनआरसी का मुद्दा पूरी तरह गुम रहा। हर तरफ विकास कार्य करने वाली पार्टी के समर्थन के दावे किए गए। गांव इस्सापुर, ढासा, मित्राऊं, डिचाऊ कलां सहित आसपास के कई गांवों में भी स्टेडियम, स्कूल और अस्पताल के अलावा बेहतर परिवहन सुविधाएं देने के नाम पर वोटिंग हुई। 88 वर्षीय मतदाता पृथ्वी सिंह और हवा सिंह ने बताया कि वोट इस बार केवल विकास के नाम पर दिए गए हैं, क्योंकि देश और दिल्ली की बेहतरी तब होगी जब विकास होगा। हुक्के का कश लगाते रहे युवाओं का कहना था कि उन्होंने पूरे सोच समझ के साथ मतदान किया है। उन्होंने नौकरी और विकास की राह दिखाने वाली सरकार चाहिए।
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मतदान के बाद चखा लजीज व्यंजनों का स्वाद
ग्रामीण इलाके में मतदान के बाद पूरे परिवार और दोस्तों के साथ मार्केट में लजीज व्यंजनों का भी खूब स्वाद चखा। मतदान केंद्रों के आसपास के बाजारों में त्योहार जैसा माहौल दिख रहा था। एक दुकानदार ने बताया कि जितना अधिक मतदान होगा, खाने पीने की चीजें भी अधिक बिकेंगी।
महिलाओं के बीच भी विकास की रही चर्चा
अपने घरों में जरूरी काम छोड़कर मतदान के लिए पहुंची महिलाओं को मतदान की इसलिए भी जल्दी थी कि उन्होंने वापस लौटकर खाना भी पकाना था। दोपहर के वक्त अधिकतर महिलाएं मतदान से लौट चुकी थीं। हालांकि उनके बीच इसी बात की चर्चा थी कि महिलाओं के लिए कुछ करने या विकास से जुड़ी सरकार को समर्थन दिया है।