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Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The board is strict on cheating, and the facility of passing in the sixth and seventh subjects is abolished.

Delhi NCR News: नकल पर बोर्ड सख्त, छठे, सातवें विषय से पास होने की सुविधा खत्म

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 11 Mar 2026 09:05 PM IST
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-जिस विषय में नकल पकड़ी जाएगी, वही पेपर रद्द होगा
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-कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा, दोबारा देनी होगी परीक्षा

अमर उजाला ब्यूरो

नई दिल्ली। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने नकल करने के मामलों में अब सख्त रुख अपनाया है। बोर्ड ने अनुचित साधनों (अनफेयर मीन्स) मामलों में छठे, सातवें विषय से पास होने की सुविधा को समाप्त कर दिया है। अब विद्यार्थी जिस विषय में नकल करता पकड़ा जाएगा, वही पेपर रद्द होगा। ऐसे विद्यार्थी को कंपार्टमेंट की श्रेणी में रखा जाएगा और उसे दोबारा परीक्षा देनी होगी। यह व्यवस्था इसी साल से लागू होगा।
सीबीएसई की प्रबंध समिति से इस व्यवस्था को मंजूरी मिल चुकी है। नई व्यवस्था के अनुसार 2026 से बोर्ड परीक्षाओं में यदि किसी छात्र को अनुचित साधन मामले के तहत पकड़ा जाता है तो उसे छठे या सातवें विषय के आधार पर पास घोषित नहीं होगा। जिस विषय में नकल या अन्य अनुचित साधन का मामला सामने आएगा, उस विषय की परीक्षा रद्द कर दी जाएगी और छात्र को उस विषय में अनिवार्य रूप से दोबारा परीक्षा देनी होगी।
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अब तक की व्यवस्था के अनुसार यदि किसी छात्र को केवल एक विषय में अनुचित साधनों के तहत दोषी पाया जाता था, तो उस विषय की परीक्षा रद्द कर दी जाती थी। हालांकि यदि छात्र ने छठा या सातवां अतिरिक्त विषय लिया होता था, तो उसी उसी विषय के अंकों के आधार पर रद्द किए गए विषय को बदल दिया जाता था। इसके कारण कई छात्र नकल के मामले में पकड़े जाने के बावजूद पूरे परिणाम में पास घोषित हो जाते थे।
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सीबीएसई ने प्रबंध समिति की बैठक में सदस्यों को बताया था कि बोर्ड ने 2025 में 42 लाख से ज्यादा विद्यार्थियों के लिए दसवीं व बारहवीं की परीक्षाएं आयोजित की। बोर्ड के अनुसार छात्रों के हित में परीक्षाओं का निष्पक्ष आयोजन कराना जरूरी है, इसलिए ही यह नई गाइडलाइंस बनाई गई हैं। बोर्ड के आंकड़ों के अनुसार वर्ष 2025 की परीक्षाओं में कक्षा 10 के 608 छात्रों को अनुचित साधनों के तहत पकड़ा था, जिनमें से 388 छात्रों को छठे या सातवें विषय के अंकों के आधार पर पास घोषित कर दिया गया। वहीं बारहवीं कक्षा में 577 छात्रों में से 132 छात्र इसी व्यवस्था के कारण पास हो गए। नई व्यवस्था के तहत 2026 से यह छूट समाप्त कर दी गई है। बोर्ड का मानना है कि इस कदम से परीक्षाओं की पारदर्शिता बढ़ेगी और नकल पर अंकुश लगेगा।
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