फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   The air is not breathable along highway.

सांस लेने लायक नहीं है हाईवे किनारे की हवा

Fri, 04 Sep 2015 12:45 AM IST
अमर उजाला, गाजियाबाद
अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Fri, 04 Sep 2015 12:45 AM IST
विज्ञापन
The air is not breathable along highway.
दिल्ली-एनसीआर में बढ़ता प्रदूषण लोगों की सेहत पर भारी पड़ रहा है। सबसे ज्यादा खराब स्थिति हाईवे के किनारे की कालोनियों की है।
विज्ञापन


एनएच-24, एनएच-91 और एनएच-58 किनारे बसी कालोनियों में तो हवा में एसपीएम की मात्रा इतनी ज्यादा है कि सांस लेना जोखिम भरा है।

इन क्षेत्रों में प्रदूषण सांस रोग, फेफड़ों का कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां बांट रहा है। बच्चों और नवजात शिशु का वजन सामान्य से कम हो रहा है।

गाजियाबाद सूबे का सबसे प्रदूषित शहर है। सबसे ज्यादा परेशानी हाईवे किनारे की कालोनियों की है। यहां हवा में घुले एसपीएम (सॉलिड पार्टिकल मैटेरियल) फेफड़ों और सांस नली को नुकसान पहुंचा रहे हैं।

हवा में एसपीएम का मानक 50 यूनिट प्रति घन मीटर के सापेक्ष 350 यूनिट प्रति घन मीटर तक है। जहरीली गैस के साथ मिलकर ये ठोस पार्टिकल फेफड़ों व सांस नली के कैंसर का कारण बनते हैं।
विज्ञापन


पॉल्यूशन विभाग के अनुसार हवा में एसपीएम के साथ ही एसओ-2 और सीओ-2 की मात्रा भी बढ़ रही है। दिल्ली-एनसीआर में पिछले तीन साल से कैंसर रोगियों की संख्या में 13 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed