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नौकरी में ठगीः आरोपियों ने निकाली थीं 13 हजार भर्तियां, भेजे थे 15 लाख एसएमएस
Fri, 06 Nov 2020 05:37 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
अमर उजाला नेटवर्क, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 06 Nov 2020 05:37 AM IST
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आरोपी और फर्जी वेबसाइट का स्क्रीनशॉट...
- फोटो : amar ujala
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स्वास्थ्य एवं जन कल्याण संस्थान नाम से फर्जी वेबसाइट बनाकर एक माह के दौरान करीब 27 हजार युवाओं से ठगी करने वाले गैंग का दिल्ली पुलिस की साइबर क्राइम यूनिट ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस संबंध में मास्टर माइंड समेत पाच लोगों को गिरफ्तार किया है। गैंग ने स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अंतर्गत दो फर्जी वेबसाइट( www.sajks.org, www.sakjs.com) बनाकर 13 हजार सरकारी नौकरियां निकाली। इसके लिए देशभर में करीब 15 लाख युवाओं को एसएमएस भेजे गए।
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लेकिन जल्दी वेबसाइट के फर्जी होने का पता चल गया। एक अभ्यर्थी की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई कर पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गैंग का मास्टर माइंड 12वीं कक्षा पास है और मुंडका में अपने पार्टनर के साथ ऑन लाइन एग्जाम का सेंटर चलाता है। पकड़े दो आरोपियों में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर व दूसरा सॉफ्टवेयर डिप्लोमा होल्डर है।
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स्पेशल सेल की साइबर क्राइम यूनिट के पुलिस उपायुक्त अनीश रॉय ने बताया कि कुछ दिनों पूर्व एक अभ्यर्थी ने पुलिस से सरकारी नौकरी के नाम पर ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि स्वास्थ्य एवं जन कल्याण संस्थान नामक फर्जी वेबसाइट बनाकर कुछ लोग युवाओं से ठगी कर रहे हैं। नौकरी के लिए आवेदन के लिए बकायदा वेबसाइट पर सरकारी लोगो का इस्तेमाल कर एलडीसी, यूडीसी, एंबुलेंस ड्राइवर व नर्स समेत अन्य पदों के लिए 13 हजार पोस्ट निकाली गई हैं। इसके लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों से 500/400 रुपये ऑन लाइन वेबसाइट पर गेटवे के जरिये लिये जा रहे हैं।
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सूचना के बाद पुलिस की टीम ने वेब साइट की जांच की तो दोनों ही वेबसाइट (www.sajks.org, www.sajks.com) फर्जी मिली। पुलिस ने तुरंत एक टीम का गठन कर मामले की जांच शुरू की। अभ्यर्थी जिस गेटवे के जरिये पैसे ट्रांसफर कर रहे थे उनकी जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि गेटवे से कुछ खाते जुड़े हैं, उन खातों से हिसार के कुछ एटीएम में रुपये निकाले जा रहे हैं।
सूचना के बाद पुलिस ने हिसार में छापेमारी शुरू की। सबसे पहले टीम ने हिसार से गांव खाटकर, ऊचाना, जींद हरियाणा निवासी अमनदीप (27) को एटीएम से कैश निकालते समय रंगे हाथों गिरफ्तार किया। इसके बाद इसके बाद अलग-अलग इलाकों से खेड़ी बारखी, बरवाला, हिसार निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर जोगिंदर सिंह (35), मास्टर माइंड सिसाई कालीराम, हांसी, हिसार निवासी रामधारी (50), अमनदीप कालोनी, कार्मी रोड, हिसार निवासी संदीप कुमार (32) और गांव जीता खेड़ी, पपोसा भिवानी निवासी सुरेंद्र (50) को गिरफ्तार कर लिया गया।
आरोपियों के खातों में कुल 49 लाख रुपये बरामद होने के अलावा तीन लैपटॉप और सात मोबाइल बरामद हुए। गैंग ने महज एक माह के भीतर देशभर के करीब 27 हजार युवाओं से 1.09 करोड़ रुपये ठग लिये। ठगी के 60 लाख रुपये आरोपी आपस में बांटकर हज्म कर चुके हैं। पुलिस को दूसरे मास्टर माइंड विष्णु शर्मा की तलाश है।