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दसवीं पास ने शातिर प्लान बनाकर ठगे 50 करोड़

Sun, 08 Nov 2015 08:32 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा
ब्यूरो/अमर उजाला, नोएडा Updated Sun, 08 Nov 2015 08:32 AM IST
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The 50 million unemployed have deceived by the vicious Tenth Plan.

साइबर सेल और सेक्टर-20 पुलिस ने नौकरी के नाम पर 10 हजार से ज्यादा बेरोजगारों से करीब 50 करोड़ की ठगी करने वाले गिरोह के मास्टर माइंड समेत 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

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ठगी करने वाला यह गिरोह करीब एक वर्ष से नोएडा में सक्रिय था और तीन बार अपने ठिकाने बदल चुका है। फ्रॉड करने वाले यह लोग नामी-गिरामी जॉब पोर्टल कंपनियों से बेरोजगारों के डाटा खरीदते थे, उसके बाद उन्हें ठगी का शिकार बनाया जाता था।
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तामिलनाडु के रहने वाले पी. पाण्डयन ने नौकरी के नाम पर 15 हजार रुपये ठगने की शिकायत सेक्टर- 20 पुलिस से की थी। जिसके बाद साइबर सेल ने सेक्टर-10 के कॉल सेंटर पर छापा मारकर कंपनी निदेशक गिझोड़ निवासी सूरज, उसके साथी सेक्टर-71 निवासी मनोज, दिल्ली निवासी सुनील, हापुड़ निवासी पंकज और गाजियाबाद निवासी बादल को दबोच लिया।
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नौकरी नाम पर जमा करवाते थे पैसे

The 50 million unemployed have deceived by the vicious Tenth Plan.

मौके से करीब 20 अन्य लोग भी पकड़े गए जो बेरोजगारों को कॉल करते थे। पुलिस ने उनसे पूछताछ कर उन्हें छोड़ दिया। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि पी. पाण्डयन ने कई जॉब पोर्टल साइट्स पर अपना प्रोफाइल रजिस्टर्ड कराया था।

16 सितंबर को भारत एम्पलो नामक कंपनी जो कि सूरज चलाता है उसने फोन कर उनसे कंपनी के अकाउंट में रकम डालने को कहा। तीन बार में 15 हजार रुपये पाण्डयन से ट्रांसफर कराए गए। काफी इंतजार के बाद कोई कॉल नहीं आने पर सेक्टर- 20 पुलिस से शिकायत की थी।

इसी शिकायत पर छापेमारी कर फ्रॉड करने वालों का भंडाफोड़ किया गया। एक साल में 10 हजार से ज्यादा बेरोजगारों को यह गिरोह अपना निशाना बना चुका है जिससे करीब 50 करोड़ की ठगी की गई।

ठगी का मास्टरमाइंड महज 10वी पास

The 50 million unemployed have deceived by the vicious Tenth Plan.

कॉल सेंटर का निदेशक सूरज कुमार महज 10वीं पास है। वह सेक्टर-60 की एक आईटी कंपनी में प्रोडक्ट क्वालिटी कंट्रोल डिपार्टमेंट में महज 9 हजार रुपये की सेलरी पर काम करता था।

वहां से नौकरी छोड़ने के बाद उसने जॉब्स 2 ग्लोब नाम से कंपनी खोली। जिसमें दो लोगों को नौकरी पर रखा था। शिकायत होने पर वहां से कंपनी बंद कर गिझोड़ में रेलीसू टेक्नालॉजी नाम से कंपनी खोली। इसके बाद सेक्टर- 10 में कॉल सेंटर खोलकर बड़े पैमाने पर लोगों को चपत लगाने लगा।

करीब एक वर्ष से फ्रॉड करने वाले इस शख्स ने अपने गिरोह के साथ मिल कर करीब 10 हजार लोगों को ठगा और उनसे 50 करोड़ रुपए वसूल लिए। एसपी सिटी दिनेश यादव ने बताया कि 15 हजार से लेकर डेढ़ लाख तक यह लोगों से वसूलता था।

इतना ही नहीं कंपनी का फर्जी ऑफर लेटर भी बेरोजगार को थमा देता था। इनके आठ बैंक अकाउंट जिन्हें सीज कर दिया गया। मौके से लैपटॉप, कम्प्यूटर, बेरोजगारों के हजारों डाटा, लैंडलाइन नंबर आदि महत्वपूर्ण कागजात बरामद किए गए। इतना नही नहीं सूरज ने एक जॉब पोर्टल कंपनी से 50 हजार लोगों का डाटा लेने के लिए एप्लाई कर रखा था।

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