कॉमनवेल्थ गेम्स में धमाका करना चाहते थे दाऊद और टुंडा
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मुंबई बम धमाकों के मुख्य आरोपी अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम, प्रतिबंधित संगठन लश्कर ए तैयबा, इंडियन मुजाहिदीन व बब्बर खालसा इंटरनेशनल के बीच आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए गठजोड़ बना था।
पुलिस ने यह जानकारी आतंकी अब्दुल करीम टुंडा के खिलाफ दायर पूरक आरोप पत्र में दी है। आरोप पत्र के मुताबिक इस गठजोड़ का मकसद कॉमनवेल्थ खेलों के दौरान राजधानी में ब्लास्ट करना भी था।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश भरत पाराशर के समक्ष दायर आरोप पत्र में पुलिस ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि लश्कर का बम विशेषज्ञ टुंडा वर्ष 2002 में बब्बर खालसा के जरिए दाऊद से कराची में मिला था।
दाऊद के साथ बना था ब्लास्ट का प्लान
दाऊद और टुंडा के बीच इस मुलाकात के दौरान भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने को लेकर चर्चा हुई थी। पुलिस के मुताबिक यह मुलाकात बब्बर खालसा के संदिग्ध आतंकी इकबाल बंटी ने कराई थी।
बंटी, टुंडा को कराची स्थित दाऊद के घर ले गया था। इसी मुलाकात में दाऊद ने आश्वासन दिया था कि वह भारत में आतंकी वारदातें करने के लिए लश्कर ए तैयबा की मदद करेगा।
इस मुलाकात के करीब छह माह बाद टुंडा एक बार फिर दाऊद से मिला। दूसरी बार वह पाकिस्तान के मदरसों में जेहाद के प्रचार के लिए पैसों की सहायता के लिए कहा।
पाक एजेंसी आईएसआई का कारनामा
जांच में यह भी पता चला कि टुंडा ने वर्ष 2005 में कराची में ही इंडियन मुजाहिद्दीन के संस्थापक सदस्य आमिर रजा से मुलाकात की थी। इस मुलाकात में भी भारत में आतंकी घटनाओं को अंजाम देने पर चर्चा हुई थी।
टुंडा के खिलाफ दायर आरोप पत्र में पुलिस ने यह भी तर्क रखा है कि पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई व टुंडा ने मिलकर वर्ष 2010 में आयोजित कॉमनवेल्थ गेमों में ब्लास्ट की योजना बनाई थी। बब्बर खालसा इंटरनेशनल ने इस ब्लास्ट को करने की जिम्मेदारी ली थी।
यह भी पता चला कि कर्नल इम्तियाज व इकबाल काना ने टुंडा को बब्बर खालसा के जरिए ब्लास्ट करवाने की जिम्मेदारी का निर्देश देते हुए कहा था कि आरडीएक्स बांग्लादेश के रास्ते भारत भेजा जाएगा।