पहलगाम पर तनाव: रामदेव बोले- पाकिस्तान खुद टूटने वाला है, लगता है हमें कराची और लाहौर में गुरुकुल बनाना पड़ेगा
अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहने वाले योग गुरु रामदेव ने एक और चौंकाने वाली टिप्पणी की है। उन्होंने कहा, पाकिस्तान अपने आप टूटने वाला है। उन्हें लगता है कि कुछ ही दिनों में हमें कराची में अगला गुरुकुल और लाहौर में एक और गुरुकुल बनाना पड़ेगा।
विस्तार
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के बाद उपजे तनाव के बीच योग गुरु बाबा रामदेव ने पड़ोसी देश को लेकर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के पास भारत से लड़ने की ताकत नहीं है। युद्ध होने की सूरत में पड़ोसी देश भारत के सामने चार दिन भी नहीं टिक सकेगा।
कराची और लाहौर में गुरुकुल बनाना पड़ेगा
रामदेव ने दिल्ली में मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, '...मुझे लगता है कि कुछ ही दिनों में हमें कराची में अगला गुरुकुल और लाहौर में एक और गुरुकुल बनाना पड़ेगा। पाकिस्तान अपने आप टूटने वाला है। पख्तून, बलूचिस्तान के लोग अपनी आजादी की मांग कर रहे हैं।'
भारत के सामने युद्ध में पाकिस्तान नहीं टिकेगा#WATCH | Delhi: Yog guru Baba Ramdev says, "...I think that in a few days we will have to build the next Gurukul in Karachi and another in Lahore. Pakistan is going to break on its own. Pakhtun, the people of Balochistan, are demanding their independence. The situation in POK is… pic.twitter.com/Qivx5ensvr
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) May 4, 2025
पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) का जिक्र करते हुए रामदेव ने कहा, यहां हालात और भी खराब हैं। उसके पास भारत से लड़ने की ताकत नहीं है। वह युद्ध में चार दिन भी भारत के सामने नहीं टिक सकता।
अब कड़े फैसले लेने का समय आ गया
इसी समारोह में मौजूद एक अन्य विभूति परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने भी पड़ोसी देश के साथ तनावपूर्ण संबंधों पर टिप्पणी की। उन्होंने कहा, 'ये ऐसा समय है जब सभी का एक साथ आना बहुत जरूरी है। अब समय आ गया है जब कड़े फैसले और बड़े फैसले लेने की जरूरत है। पूरा देश एक है।
#WATCH | Delhi: Parmarth Niketan Ashram President Swami Chidanand Saraswati says, "This is a time when it is very important for everyone to come together. The time has come when there is a need to take tough decisions and big decisions. The whole country is one... Sanatan is… pic.twitter.com/3ZnPKodTbH
— ANI (@ANI) May 4, 2025
'देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नहीं'
उन्होंने कहा, 'सनातन की जरूरत है क्योंकि सनातन सबका सम्मान करता है, इसीलिए हजारों सालों से चला आ रहा है... देश संविधान से चलेगा, शरीयत से नहीं। अपना घर शरीयत से चलाओ, अपनी निष्ठा रखो, कोई दिक्कत नहीं है। लेकिन जब देश की बात आती है तो हमें संविधान का ईमानदारी से पालन करना होगा। राष्ट्र सर्वोच्च है।' स्वामी चिदानंद सरस्वती ने राष्ट्रीय नागरिक पंजी (NRC) पर कहा, 'मुझे लगता है कि NRC का समय आ गया है।'
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सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम
पहलगाम आतंकी हमले पर स्वामी गोविंद देव गिरि महाराज ने कहा कि हमारी सरकार मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है और यह जवाब इस तरह दिया जाना चाहिए कि इस पापी देश (पाकिस्तान) का नामोनिशान तक न बचे। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के बारे में वे कहते हैं वे नकली शंकराचार्य हैं...हमारे प्रधानमंत्री का मजाक उड़ाने का जो पाप वे हर दिन कर रहे हैं, वह किसी स्वामी का काम नहीं है। उन्हें किसी पार्टी का पिट्ठू नहीं बनना चाहिए, जो वे बन गए हैं।
#WATCH | Delhi: On Pahalgam terror attack, Swami Govind Dev Giri Maharaj says, "...Our government is capable of giving a befitting reply and this reply should be given in such a way that no trace of this sinful country (Pakistan) remains."
— ANI (@ANI) May 4, 2025
On Swami Avimukteshwaranand Saraswati,… pic.twitter.com/mx2c2RUmFO
कब और कहां हुई आतंकी वारदात, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री क्या बोले
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम शहर के निकट ‘मिनी स्विटरलैंड’ नाम से मशहूर पर्यटन स्थल पर बीते 22 अप्रैल की दोपहर में हुए आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई। ज्यादातर पर्यटक थे। यह 2019 में पुलवामा में हुए हमले के बाद घाटी में हुआ सबसे घातक हमला था। एक उच्च पदस्थ अधिकारी के मुताबिक 26 मृतकों में दो विदेशी और दो स्थानीय निवासी थे। हमले के बाद पहली प्रतिक्रिया में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इस आतंकी हमले को 'हाल के वर्षों में आम लोगों पर हुए किसी भी हमले से कहीं बड़ा' हमला बताया। अधिकारियों ने बताया कि यह हमला ऐसे समय हुआ है जब अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस भारत की यात्रा पर थे। इसी समय जम्मू-कश्मीर में पर्यटन और ट्रैकिंग का मौसम भी जोर पकड़ रहा है।
74 महीने बाद आतंकी हमले से दहली घाटी
2019 की फरवरी में जम्मू-कश्मीर के ही पुलवामा में हुए आतंकी हमले के बाद घाटी में सबसे घातक हमला पहलगाम में हुआ है। पहलगाम शहर से लगभग छह किलोमीटर दूर बैसरन चीड़ के पेड़ों के घने जंगलों और पहाड़ों से घिरा एक विशाल घास का मैदान है तथा देश व दुनिया के पर्यटकों के बीच पसंदीदा स्थान है।
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आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े TRF ने ली हमले की जिम्मेदारी
पहलगाम हमले के संबंध में अधिकारियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हथियारबंद आतंकवादी 'मिनी स्विट्जरलैंड' में घुस आए और भोजनालयों के आसपास घूम रहे, खच्चर की सवारी कर रहे, पिकनिक मना रहे पर्यटकों पर गोलीबारी शुरू कर दी। पाकिस्तान में स्थित प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) के छद्म संगठन ‘द रेजिस्टेंस फ्रंट’ (टीआरएफ) ने हमले की जिम्मेदारी ली है।