{"_id":"5d9fdaed8ebc3e93c734c884","slug":"tejas-is-running-with-empty-seats","type":"story","status":"publish","title_hn":"सूरत-ए-हालः अभी तो खाली सीटों के साथ दौड़ रही है तेजस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सूरत-ए-हालः अभी तो खाली सीटों के साथ दौड़ रही है तेजस
Fri, 11 Oct 2019 06:59 AM IST
दुष्यंत शर्मा
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
अमर उजाला ब्यूरो, नई दिल्ली
Published by: दुष्यंत शर्मा
Updated Fri, 11 Oct 2019 06:59 AM IST
विज्ञापन
तेजस एक्सप्रेस
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच अक्तूबर को जब दिल्ली से देश की पहली कार्पोरेट ट्रेन तेजस लखनऊ के लिए रवाना हुई तो उसमें 750 यात्री थे। छह अक्तूबर को यह संख्या घटकर 600 रह गई। सात अक्तूबर को यह संख्या महज 300 के करीब रह गई। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि फिलहाल तेजस को पर्याप्त संख्या में यात्री नहीं मिल पा रहे हैं। औसतन 25 से 30 प्रतिशत सीटों पर यात्री नहीं मिल पा रहे हैं।
विज्ञापन
देश की पहली कार्पोरेट ट्रेन तेजस को डायनमिक फेयर सिस्टम के साथ चलाया जा रहा है। यात्रियों की कम संख्या पर लोगों का कहना है कि लखनऊ और दिल्ली के हवाई जहाज किराया भी तेजस के किराये के आस पास ही होता है जबकि इसी रूट पर शताब्दी सहित अन्य सुपरफास्ट ट्रेनों का किराया तेजस से कम है।
विज्ञापन
हालांकि तेजस को चलाने वाली संस्था आईआरटीएस का कहना है कि शुरुआत के पांच दिनों में ट्रेन में यात्रियों की संख्या से उसका आंकलन करना ठीक नहीं है। पहले दिन दिल्ली से रवाना हुई ट्रेन में महज आठ सीटें खाली थीं।
विज्ञापन
वहीं नौ अक्तूबर को रवाना हुई ट्रेन में सभी सीटें फुल थीं। आईआरसीटीसी के मुताबिक त्योहार के सीजन में ट्रेन के फुल होकर चलने की उम्मीद है। आरक्षण चार्ट के मुताबिक दिवाली व छठ के दौरान ट्रेन की सीटें फुल हैं। 758 सीटें हैं चेयरकार में।
आंकड़े क्या कहते हैं
लखनऊ से नई दिल्ली
. 6 अक्तूबर को चेयर कार में करीब 600 यात्रियों ने सफर किया
. 7 अक्तूबर को संख्या घट कर 400 रह गई
. 9 अक्तूबर को भी पूरी ट्रेन नहीं भरी हुई थी
नई दिल्ली से लखनऊ
. 5 अक्तूबर को 750 यात्री सवार हुए
. 6 अक्तूबर को यह संख्या घटकर 600 तक रह गई
. 7 अक्तूबर को महज 300 यात्री सवार हुए
. 9 अक्तूबर को 550 यात्री सवार हुए
आने वाले दिनों में आरक्षण की स्थिति
. 11 अक्तूबर को दिल्ली से जाने वाली ट्रेन में 287 सीटें खाली
. 12 अक्तूबर को 252 सीटें खाली
. 14 अक्तूबर को 373 सीटें खाली
. 16 अक्तूबर को 353 सीटें खाली