फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Delhi ›   Delhi NCR News ›   Technology: An AI tracker will predict rainfall deficits

तकनीक: बारिश की कमी का अनुमान लगाएगा एआई ट्रैकर, फसल बदलने और बुवाई का सही समय भी बताएगा यह सॉफ्टवेयर

Sun, 04 Oct 2026 06:54 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमित शर्मा, देहरादून
अमित शर्मा, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Sun, 04 Oct 2026 06:54 AM IST
सार

वैज्ञानिकों की टीम ने इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को ‘अल नीनो एंड खरीफ ट्रैकर’ नाम दिया है।

विज्ञापन
Technology: An AI tracker will predict rainfall deficits
सांकेतिक चित्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बारिश की कमी से किसानों और सरकार की चिंता के बीच भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद और भारतीय मृदा एवं जल संरक्षण संस्थान देहरादून के वैज्ञानिकों ने एआई तकनीक आधारित ऐसा सॉफ्टवेयर विकसित करने का दावा किया है, जो बारिश की कमी का अनुमान लगाने के साथ कम पानी वाली वैकल्पिक फसलों का सुझाव भी देगा।

विज्ञापन


वैज्ञानिकों की टीम ने इस ऑनलाइन सॉफ्टवेयर को ‘अल नीनो एंड खरीफ ट्रैकर’ नाम दिया है। नासा और अन्य अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं के सैटेलाइट से मिलने वाली मौसम संबंधी जानकारी के आधार पर यह भारत के किसी भी जिले या क्षेत्र में बारिश की कमी का लगभग सटीक अनुमान लगा सकेगा। 
विज्ञापन


किसान स्मार्टफोन से अपनी लोकेशन साझा कर या लोकेशन कॉलम में क्षेत्र का नाम दर्ज कर वहां बारिश की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे। इसे व्हाट्सएप या ईमेल से अन्य किसानों के साथ साझा भी किया जा सकेगा। फिलहाल इसके इस्तेमाल के लिए कोई शुल्क नहीं होगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


डॉ. सादिकुल इस्लाम, डॉ. राजेश कौशल और डॉ. शाकिर अली की टीम ने इसे विकसित किया है। डॉ. सादिकुल इस्लाम ने बताया कि सॉफ्टवेयर किसी क्षेत्र में बारिश की संभावना के साथ भारी कमी या बाढ़ की आशंका की जानकारी देकर किसानों को समय रहते सावधान कर सकेगा।

यह प्रति हेक्टेयर बारिश की कमी का अनुमान लगाकर फसलों को होने वाले नुकसान की जानकारी भी देगा। इससे किसान नुकसान कम करने या वैकल्पिक फसल पर विचार कर सकेंगे। फिलहाल यह खरीफ फसलों पर केंद्रित है, बाद में रबी फसलों की जानकारी भी ली जा सकेगी। सॉफ्टवेयर अभी प्रायोगिक तौर पर उपलब्ध है और इसका प्रमाणीकरण होना बाकी है।

बुवाई का समय भी बताएगा
मिट्टी के तापमान, हवा में नमी, बारिश की संभावना और अगले एक सप्ताह के मौसम के अनुमान के आधार पर सॉफ्टवेयर किसानों को खरीफ फसलों की बुवाई का उपयुक्त समय बताएगा, ताकि बेहतर पैदावार हासिल की जा सके।


अभी प्रायोगिक चरण में
सॉफ्टवेयर फिलहाल लोगों के लिए प्रायोगिक तौर पर उपलब्ध है। इसका प्रमाणीकरण होना बाकी है। वैज्ञानिक टीम परिणामों को और सटीक बनाने के लिए लगातार इसे विकसित कर रही है।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed